हिंदी दिवस पर राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग में विविध कार्यक्रम आयोजित
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई,राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग एवं माय भारत-रुद्रप्रयाग के संयुक्त तत्वावधान में आज हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में महाविद्यालय परिसर में विविध सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत भावनात्मक और प्रेरणादायी माहौल में हुई,जिसमें पोस्टर मेकिंग,हिंदी क्विज तथा भाषण प्रतियोगिता जैसे आयोजन शामिल रहे। छात्रों में इन प्रतियोगिताओं को लेकर उत्साह देखने को मिला।इस अवसर पर माय भारत-रुद्रप्रयाग के उपनिदेशक राहुल डबराल ने स्वयंसेवियों को हिंदी भाषा के महत्व पर प्रेरक जानकारी दी।उन्होंने कहा कि हिंदी केवल भाषा नहीं,बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत की आत्मा है।महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ.आशीष नौटियाल ने अपनी स्वरचित कविता के माध्यम से हिंदी की भावनात्मक अभिव्यक्ति को सभी के समक्ष प्रस्तुत किया,जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।एनएसएस नोडल अधिकारी श्रीकांत नौटियाल ने हिंदी दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी।उन्होंने युवाओं से हिंदी भाषा को आत्मसात करने और इसके प्रचार-प्रसार में योगदान देने की अपील की।कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन अंविता सिंह द्वारा कुशलता से किया गया। समापन अवसर पर प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।इस अवसर पर विजय वशिष्ठ,कविता जुगरान,अजीता,स्नेहा,खुशी,संतोषी,अदिति,अवधेश सहित अनेक स्वयंसेवियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।
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हिंदी दिवस पर राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग में विविध कार्यक्रम आयोजित
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई,राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग एवं माय भारत-रुद्रप्रयाग के संयुक्त तत्वावधान में आज हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में महाविद्यालय परिसर में विविध सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत भावनात्मक और प्रेरणादायी माहौल में हुई,जिसमें पोस्टर मेकिंग,हिंदी क्विज तथा भाषण प्रतियोगिता जैसे आयोजन शामिल रहे। छात्रों में इन प्रतियोगिताओं को लेकर उत्साह देखने को मिला।इस अवसर पर माय भारत-रुद्रप्रयाग के उपनिदेशक राहुल डबराल ने स्वयंसेवियों को हिंदी भाषा के महत्व पर प्रेरक जानकारी दी।उन्होंने कहा कि हिंदी केवल भाषा नहीं,बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत की आत्मा है।महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ.आशीष नौटियाल ने अपनी स्वरचित कविता के माध्यम से हिंदी की भावनात्मक अभिव्यक्ति को सभी के समक्ष प्रस्तुत किया,जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।एनएसएस नोडल अधिकारी श्रीकांत नौटियाल ने हिंदी दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी।उन्होंने युवाओं से हिंदी भाषा को आत्मसात करने और इसके प्रचार-प्रसार में योगदान देने की अपील की।कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन अंविता सिंह द्वारा कुशलता से किया गया। समापन अवसर पर प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।इस अवसर पर विजय वशिष्ठ,कविता जुगरान,अजीता,स्नेहा,खुशी,संतोषी,अदिति,अवधेश सहित अनेक स्वयंसेवियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।