जिलाधिकारी के निर्देशन में भूवैज्ञानिक टीम ने भीमगोड़ा क्षेत्र के भूस्खलन स्थल का किया निरीक्षण जल्द रिपोर्ट सौंपेगी
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार 18 सितंबर को भीमगोड़ा क्षेत्र में पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के उचित प्रबंधन हेतु जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में आज उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के भूवैज्ञानिक टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर हो रहे भूस्खलन के उचित प्रबंधन हेतु स्थलीय निरीक्षण किया गया।इस निरीक्षण के दौरान सीनियर भूवैज्ञानिक डॉ.रुचिका टेंडन ने अवगत कराया कि भीमगोड़ा क्षेत्र के मेजर भूगर्भीय समस्या है यह की जो रॉक मड स्टोन का जो पहाड़ है वह बहुत कमज़ोर है,उन्होंने कहा कि यह के स्टोन का परीक्षण कराया जायेगा,परीक्षण उपरांत ही भूस्खलन क्षेत्र के उचित प्रबंधन के लिए व्यवस्था कराई जाएगी।उन्होंने कहा कि इसकी जांच रिपोर्ट जल्द ही प्रशासन को उपलब्ध कराई जाएगी तथा इस संबंध में जो भी ट्रीटमेंट प्लान तैयार किया जाएगा उसके लिए वन विभाग,रेलवे,लोक निर्माण विभाग एव आपदा प्रबंधन के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की जाएगी।निरीक्षण के दौरान भूवैज्ञानिक डॉ.रघुबीर,उप निर्देशक राजा पार्क अजेय नेगी,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत,अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार,सहायक अभियंता लोनिवि गणेश जोशी,सुनील कुमार एवं रेंजर वीरेंद्र तिवारी,चौकी इंचार्ज हरकी पौड़ी संजीत कंडारी आदि मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी के निर्देशन में भूवैज्ञानिक टीम ने भीमगोड़ा क्षेत्र के भूस्खलन स्थल का किया निरीक्षण जल्द रिपोर्ट सौंपेगी
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार 18 सितंबर को भीमगोड़ा क्षेत्र में पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के उचित प्रबंधन हेतु जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में आज उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के भूवैज्ञानिक टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर हो रहे भूस्खलन के उचित प्रबंधन हेतु स्थलीय निरीक्षण किया गया।इस निरीक्षण के दौरान सीनियर भूवैज्ञानिक डॉ.रुचिका टेंडन ने अवगत कराया कि भीमगोड़ा क्षेत्र के मेजर भूगर्भीय समस्या है यह की जो रॉक मड स्टोन का जो पहाड़ है वह बहुत कमज़ोर है,उन्होंने कहा कि यह के स्टोन का परीक्षण कराया जायेगा,परीक्षण उपरांत ही भूस्खलन क्षेत्र के उचित प्रबंधन के लिए व्यवस्था कराई जाएगी।उन्होंने कहा कि इसकी जांच रिपोर्ट जल्द ही प्रशासन को उपलब्ध कराई जाएगी तथा इस संबंध में जो भी ट्रीटमेंट प्लान तैयार किया जाएगा उसके लिए वन विभाग,रेलवे,लोक निर्माण विभाग एव आपदा प्रबंधन के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की जाएगी।निरीक्षण के दौरान भूवैज्ञानिक डॉ.रघुबीर,उप निर्देशक राजा पार्क अजेय नेगी,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत,अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार,सहायक अभियंता लोनिवि गणेश जोशी,सुनील कुमार एवं रेंजर वीरेंद्र तिवारी,चौकी इंचार्ज हरकी पौड़ी संजीत कंडारी आदि मौजूद रहे।