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गढ़वाल विश्वविद्यालय में नशा मुक्त भारत अभियान को मिली गति बनीं एंटी-ड्रग समितियां

प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय ने नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) को गति देने के लिए कमर कस ली है।शिक्षा मंत्रालय के आदेश के अनुपालन में विश्वविद्यालय परिसर को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर एंटी-ड्रग समितियों का गठन किया जा रहा है। ये समितियां न केवल नशीले पदार्थों के सेवन पर रोक लगाने का कार्य करेंगी,बल्कि जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से भी अवगत कराएंगी। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो.राकेश कुमार ढोड़ी ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। जारी आदेश के अनुसार,नशा मुक्त भारत अभियान की कोर कमेटी में कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह को संरक्षक,अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.एस.गुसाईं को अध्यक्ष,मुख्य नियंता प्रो.एस.सी.सती और मुख्य छात्रावास अधीक्षक डॉ.एस.एस.बिष्ट को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। समाजशास्त्र एवं सामाजिक विज्ञान विभाग के प्रो.जे.पी.भट्ट अभियान के नोडल अधिकारी होंगे,जबकि एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ.राकेश नेगी और एनसीसी अधिकारी डॉ.सुरेंद्र कुंवर सह-समन्वयक की भूमिका निभाएंगे।इसके अलावा डॉ.सुरेंद्र मिणा,डॉ.हिरामणि राय,डॉ.डी.के.राणा,डॉ.मुकुल पंत,डॉ.मोहिम सैनी,उपकुलसचिव,छात्र संघ अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को समिति का सदस्य नामित किया गया है। छात्रावास स्तर पर भी समितियों का गठन किया गया है। बिड़ला परिसर स्थित त्रिशूल छात्रावास की जिम्मेदारी डॉ.नीतिन बिष्ट को सौंपी गई है,जबकि चौरास परिसर में डॉ.अनुजा रावत और डॉ.टेसरिंग डोलकर खंपा अध्यक्ष होंगे।इन समितियों का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर को नशा मुक्त क्षेत्र के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए नियमित रूप से जागरूकता रैलियां,कार्यशालाएं,जन-जागरण अभियान और आउटरीच गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि नशा मुक्त वातावरण न केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति में सहायक होगा,बल्कि एक स्वस्थ और सकारात्मक माहौल भी तैयार करेगा। कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि नशा युवाओं को दिशा से भटकाता है और उनके भविष्य को अंधकारमय बना देता है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन देने और नशे से दूर रखने के लिए ठोस कदम उठाएगा। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.एस.गुसाईं ने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान को विश्वविद्यालय के हर विभाग और छात्रावास तक पहुंचाया जाएगा। विद्यार्थियों को इस मुहिम से जोड़ने के लिए नुक्कड़ नाटक,सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और जनसंदेश रैलियां आयोजित की जाएंगी। अभियान से जुड़े शिक्षकों और अधिकारियों ने विश्वास जताया कि यह पहल विश्वविद्यालय परिसर को नशा मुक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी और इसका संदेश पूरे गढ़वाल अंचल के युवाओं तक पहुंचेगा।

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