एनआईटी उत्तराखंड में एनएसएस छात्रों द्वारा स्वच्छता अभियान आयोजित
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।स्वच्छ भारत मिशन के आदर्शों को बनाए रखने और स्वच्छता ही सेवा 2025 अभियान के अंतर्गत,नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस) के स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) उत्तराखंड परिसर में स्वच्छता अभियान का आयोजन किया। इस अभियान में छात्रों,संकाय सदस्यों और कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया,जिससे सामुदायिक जिम्मेदारी और पर्यावरणीय चेतना की भावना प्रकट हुई।अभियान की शुरुआत सुबह जल्दी हुई,जिसमें प्रथम वर्ष के एनएसएस छात्र-स्वयंसेवक पियूष,चिन्मय,आनंद और युगल तथा द्वितीय वर्ष से तानूजा,अक्षय और आशीष ने भाग लिया। झाड़ू,दस्ताने और कचरा बैग से सुसज्जित इन छात्रों ने रास्तों की सफाई,कचरा उठाने और अपशिष्ट को अलग-अलग करने की जिम्मेदारी उठाई। उनके उत्साह और समर्पण ने पूरे आयोजन में एकता और उद्देश्य का वातावरण भर दिया। व्यावहारिक मार्गदर्शन देने के लिए परिसर के सफाईकर्मी राहुल ने छात्रों को प्रभावी झाड़ू लगाने और सुरक्षित कचरा निस्तारण की विधियां सिखाईं।उनकी सक्रिय भागीदारी ने यह दर्शाया कि स्वच्छता बनाए रखने में जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की भूमिका को पहचानना और सम्मान देना कितना आवश्यक है। अभियान को और प्रेरणादायक बनाने वाला क्षण वह था जब सहायक प्रोफेसर डॉ.रोहित कुमार और डॉ.सौरव बोस स्वयं छात्रों के साथ शामिल हुए। दोनों संकाय सदस्य छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते दिखे,जिससे छात्रों का उत्साह और बढ़ा तथा साझा जिम्मेदारी की संस्कृति को प्रोत्साहन मिला। अभियान का समापन स्वयंसेवकों द्वारा दिलाई गई शपथ के साथ हुआ,जिसमें उन्होंने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने और अपने साथियों व स्थानीय लोगों में पर्यावरणीय जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। स्वच्छता ही सेवा 2025 अभियान के तहत आयोजित यह स्वच्छता अभियान केवल भौतिक वातावरण की सफाई तक सीमित नहीं रहा,बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी के संदेश को भी सुदृढ़ किया। यह एनएसएस के आदर्श वाक्य नहीं मैं,बल्कि तुम की सच्ची अभिव्यक्ति बनकर उभरा,जिसने छात्रों को व्यक्तिगत सुविधा से ऊपर समाजहित को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।
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एनआईटी उत्तराखंड में एनएसएस छात्रों द्वारा स्वच्छता अभियान आयोजित
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।स्वच्छ भारत मिशन के आदर्शों को बनाए रखने और स्वच्छता ही सेवा 2025 अभियान के अंतर्गत,नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस) के स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) उत्तराखंड परिसर में स्वच्छता अभियान का आयोजन किया। इस अभियान में छात्रों,संकाय सदस्यों और कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया,जिससे सामुदायिक जिम्मेदारी और पर्यावरणीय चेतना की भावना प्रकट हुई।अभियान की शुरुआत सुबह जल्दी हुई,जिसमें प्रथम वर्ष के एनएसएस छात्र-स्वयंसेवक पियूष,चिन्मय,आनंद और युगल तथा द्वितीय वर्ष से तानूजा,अक्षय और आशीष ने भाग लिया। झाड़ू,दस्ताने और कचरा बैग से सुसज्जित इन छात्रों ने रास्तों की सफाई,कचरा उठाने और अपशिष्ट को अलग-अलग करने की जिम्मेदारी उठाई। उनके उत्साह और समर्पण ने पूरे आयोजन में एकता और उद्देश्य का वातावरण भर दिया। व्यावहारिक मार्गदर्शन देने के लिए परिसर के सफाईकर्मी राहुल ने छात्रों को प्रभावी झाड़ू लगाने और सुरक्षित कचरा निस्तारण की विधियां सिखाईं।उनकी सक्रिय भागीदारी ने यह दर्शाया कि स्वच्छता बनाए रखने में जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की भूमिका को पहचानना और सम्मान देना कितना आवश्यक है। अभियान को और प्रेरणादायक बनाने वाला क्षण वह था जब सहायक प्रोफेसर डॉ.रोहित कुमार और डॉ.सौरव बोस स्वयं छात्रों के साथ शामिल हुए। दोनों संकाय सदस्य छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते दिखे,जिससे छात्रों का उत्साह और बढ़ा तथा साझा जिम्मेदारी की संस्कृति को प्रोत्साहन मिला। अभियान का समापन स्वयंसेवकों द्वारा दिलाई गई शपथ के साथ हुआ,जिसमें उन्होंने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने और अपने साथियों व स्थानीय लोगों में पर्यावरणीय जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। स्वच्छता ही सेवा 2025 अभियान के तहत आयोजित यह स्वच्छता अभियान केवल भौतिक वातावरण की सफाई तक सीमित नहीं रहा,बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी के संदेश को भी सुदृढ़ किया। यह एनएसएस के आदर्श वाक्य नहीं मैं,बल्कि तुम की सच्ची अभिव्यक्ति बनकर उभरा,जिसने छात्रों को व्यक्तिगत सुविधा से ऊपर समाजहित को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।