स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार उत्तराखण्ड में महिला स्वास्थ्य और सशक्तिकरण का महाअभियान
प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस (17 सितम्बर) से लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती ( 2 अक्टूबर) तक,उत्तराखण्ड स्वास्थ्य विभाग पूरे प्रदेश में स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार अभियान बड़े पैमाने पर चला रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत के नेतृत्व में यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं,बल्कि महिला स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के लिए एक संगठित आंदोलन बन चुका है।उत्तराखंड में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान (17 सितम्बर -2 अक्टूबर, 2025) के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। केवल 22 सितम्बर, 2025 को ही प्रदेशभर में 1,487 शिविर आयोजित किए गए,जिनमें से 29 विशेषज्ञ शिविर रहे। अभियान के दौरान अब तक कुल 7,547 शिविर लगाए जा चुके हैं,जिनमें 206 विशेषज्ञ शिविर शामिल हैं। इन शिविरों के माध्यम से अब तक 1,34,788 पुरुष और 2,12,168 महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं।अभियान की मुख्य गतिविधियां राज्य के 13 जिलों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों गतिविधियां एक साथ संचालित हो रही हैं,स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर एनीमिया,क्षय रोग,मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग निक्षय मित्र पंजीकरण निःशुल्क दवा वितरण पोषण एवं स्वच्छता पर परामर्श महिलाओं व किशोरियों के लिए स्वास्थ्य एवं कौशल जागरूकता सत्र गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की जांच के तहत अब तक 79,040 पुरुष और 1,07,896 महिलाएं उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के लिए जांची गईं। इसी तरह,69,632 पुरुष और 1,03,818 महिलाओं की मधुमेह (डायबिटीज) जांच की गई।कैंसर जांच (मुख,ग्रीवा और स्तन कैंसर) में 43,240 पुरुष तथा 1,29,998 महिलाएं शामिल हुईं। स्वास्थ्य सचिव डॉ.आर.राजेश कुमार ने कहा कि प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य (आरसीएच) कार्यक्रमों के अंतर्गत 39,748 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की गई। वहीं,एनीमिया जांच में 8,581 पुरुष और 56,738 महिलाएं शामिल हुईं। बच्चों को कुल 27,612 पुरुष शिशुओं और 32,990 बालिकाओं को टीके लगाए गए। निक्षय पोर्टल के माध्यम से टीबी (क्षय रोग) की जांच में अब तक 26,298 पुरुष और 38,029 महिलाएं जांची गईं। इसी अवधि में 2,086 पुरुष और 1,635 महिलाएं निक्षय मित्र के रूप में पंजीकृत हुईं। सिकल सेल रोग की जांच के अंतर्गत 43 लोगों की स्क्रीनिंग हुई और 15 कार्ड वितरित किए गए। इसके साथ ही विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए अब तक 65,735 पुरुष और 1,10,562 महिलाओं को परामर्श (काउंसलिंग) प्रदान की गई। आयुष्मान भारत/पीएम-जय योजना के अंतर्गत 2,586 पुरुषों और 4,283 महिलाओं को कार्ड जारी किए गए। ई-रक्तकोश (ब्लड बैंक) के अंतर्गत 38,310 रक्तदाता पंजीकृत हुए और 5,059 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। केंद्रीय सरकारी संस्थानों,मेडिकल कॉलेजों और निजी संगठनों द्वारा भी इस अभियान में सहयोग किया जा रहा है। अब तक 8 शिविर आयोजित किए गए हैं,जिनमें 8 विशेषज्ञ शिविर शामिल हैं। इन शिविरों में 671 पुरुष और 1,255 महिलाओं ने जांच व उपचार की सेवाएं प्राप्त की हैं।
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स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार उत्तराखण्ड में महिला स्वास्थ्य और सशक्तिकरण का महाअभियान
प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस (17 सितम्बर) से लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती ( 2 अक्टूबर) तक,उत्तराखण्ड स्वास्थ्य विभाग पूरे प्रदेश में स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार अभियान बड़े पैमाने पर चला रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत के नेतृत्व में यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं,बल्कि महिला स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के लिए एक संगठित आंदोलन बन चुका है।उत्तराखंड में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान (17 सितम्बर -2 अक्टूबर, 2025) के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। केवल 22 सितम्बर, 2025 को ही प्रदेशभर में 1,487 शिविर आयोजित किए गए,जिनमें से 29 विशेषज्ञ शिविर रहे। अभियान के दौरान अब तक कुल 7,547 शिविर लगाए जा चुके हैं,जिनमें 206 विशेषज्ञ शिविर शामिल हैं। इन शिविरों के माध्यम से अब तक 1,34,788 पुरुष और 2,12,168 महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं।अभियान की मुख्य गतिविधियां राज्य के 13 जिलों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों गतिविधियां एक साथ संचालित हो रही हैं,स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर एनीमिया,क्षय रोग,मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग निक्षय मित्र पंजीकरण निःशुल्क दवा वितरण पोषण एवं स्वच्छता पर परामर्श महिलाओं व किशोरियों के लिए स्वास्थ्य एवं कौशल जागरूकता सत्र गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की जांच के तहत अब तक 79,040 पुरुष और 1,07,896 महिलाएं उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) के लिए जांची गईं। इसी तरह,69,632 पुरुष और 1,03,818 महिलाओं की मधुमेह (डायबिटीज) जांच की गई।कैंसर जांच (मुख,ग्रीवा और स्तन कैंसर) में 43,240 पुरुष तथा 1,29,998 महिलाएं शामिल हुईं। स्वास्थ्य सचिव डॉ.आर.राजेश कुमार ने कहा कि प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य (आरसीएच) कार्यक्रमों के अंतर्गत 39,748 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की गई। वहीं,एनीमिया जांच में 8,581 पुरुष और 56,738 महिलाएं शामिल हुईं। बच्चों को कुल 27,612 पुरुष शिशुओं और 32,990 बालिकाओं को टीके लगाए गए। निक्षय पोर्टल के माध्यम से टीबी (क्षय रोग) की जांच में अब तक 26,298 पुरुष और 38,029 महिलाएं जांची गईं। इसी अवधि में 2,086 पुरुष और 1,635 महिलाएं निक्षय मित्र के रूप में पंजीकृत हुईं। सिकल सेल रोग की जांच के अंतर्गत 43 लोगों की स्क्रीनिंग हुई और 15 कार्ड वितरित किए गए। इसके साथ ही विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए अब तक 65,735 पुरुष और 1,10,562 महिलाओं को परामर्श (काउंसलिंग) प्रदान की गई। आयुष्मान भारत/पीएम-जय योजना के अंतर्गत 2,586 पुरुषों और 4,283 महिलाओं को कार्ड जारी किए गए। ई-रक्तकोश (ब्लड बैंक) के अंतर्गत 38,310 रक्तदाता पंजीकृत हुए और 5,059 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। केंद्रीय सरकारी संस्थानों,मेडिकल कॉलेजों और निजी संगठनों द्वारा भी इस अभियान में सहयोग किया जा रहा है। अब तक 8 शिविर आयोजित किए गए हैं,जिनमें 8 विशेषज्ञ शिविर शामिल हैं। इन शिविरों में 671 पुरुष और 1,255 महिलाओं ने जांच व उपचार की सेवाएं प्राप्त की हैं।