10वें आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में रतूड़ा रुद्रप्रयाग में आयुर्वेदिक विभाग द्वारा सेमिनार का आयोजन
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।10वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जिला आयुर्वेदिक विभाग रुद्रप्रयाग द्वारा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) रतूड़ा में एक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को आयुर्वेद के महत्व से अवगत कराते हुए इसे दैनिक जीवन शैली में अपनाने के लिए प्रेरित करना था।डाॅ.नितिन प्रसाद ने आयुर्वेद दिवस के महत्व पर प्रकाश ड़ालते हुए आयुर्वेद को केवल चिकित्सा प्रणाली ही नहीं,बल्कि एक समग्र जीवन शैली के रूप में अपनाने का आहवान किया।उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की चुनौतियों का समाधान आयुर्वेद में निहित है,जिसे हमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अपनाने की आवश्यकता है।वहीं सेमिनार के दौरान वक्ता डाॅ.राहुल कुमार वैद्य द्वारा स्थौल्य (व्इमेपजल) हेतु आयुर्वेदिक आहार विषय पर विस्तृत व्याखान दिया गया,उन्होंने आयुर्वेद के सिद्धान्तों के अनुसार मोटापे की रोकथाम व नियंत्रण हेतु संतुलित आहार,दिनचर्या और औषधीय प्रयोगों की जानकारी साझा की।कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों,प्रशिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साह पूर्वक सहभागिता की।सेमिनार का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं सामूहिक संकल्प के साथ किया गया कि आयुर्वेद को हम सभी अपनी दिनचर्या में स्थान देंगे।इस अवसर पर जिला आयुर्वेदिक विभाग रुद्रप्रयाग से दीपक नौटियाल एवं प्रदीप कप्रवान भी उपस्थित रहे।
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10वें आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में रतूड़ा रुद्रप्रयाग में आयुर्वेदिक विभाग द्वारा सेमिनार का आयोजन
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।10वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जिला आयुर्वेदिक विभाग रुद्रप्रयाग द्वारा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) रतूड़ा में एक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को आयुर्वेद के महत्व से अवगत कराते हुए इसे दैनिक जीवन शैली में अपनाने के लिए प्रेरित करना था।डाॅ.नितिन प्रसाद ने आयुर्वेद दिवस के महत्व पर प्रकाश ड़ालते हुए आयुर्वेद को केवल चिकित्सा प्रणाली ही नहीं,बल्कि एक समग्र जीवन शैली के रूप में अपनाने का आहवान किया।उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की चुनौतियों का समाधान आयुर्वेद में निहित है,जिसे हमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अपनाने की आवश्यकता है।वहीं सेमिनार के दौरान वक्ता डाॅ.राहुल कुमार वैद्य द्वारा स्थौल्य (व्इमेपजल) हेतु आयुर्वेदिक आहार विषय पर विस्तृत व्याखान दिया गया,उन्होंने आयुर्वेद के सिद्धान्तों के अनुसार मोटापे की रोकथाम व नियंत्रण हेतु संतुलित आहार,दिनचर्या और औषधीय प्रयोगों की जानकारी साझा की।कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों,प्रशिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साह पूर्वक सहभागिता की।सेमिनार का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं सामूहिक संकल्प के साथ किया गया कि आयुर्वेद को हम सभी अपनी दिनचर्या में स्थान देंगे।इस अवसर पर जिला आयुर्वेदिक विभाग रुद्रप्रयाग से दीपक नौटियाल एवं प्रदीप कप्रवान भी उपस्थित रहे।