देव राघवेन्द्र ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया उत्तराखंड और भारत का मान एसडीएम श्रीनगर ने किया सम्मानित
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।अंतरराष्ट्रीय युवा नेतृत्व शिखर सम्मेलन (बिम्सटेक) में उत्तराखंड के पर्यावरण विशेषज्ञ देव राघवेन्द्र सिंह चौधरी ने प्रतिभाग कर राज्य और देश का गौरव बढ़ाया। गुवाहाटी (असम) में आयोजित इस सम्मेलन में भारत सहित छह देशों के करीब 100 युवाओं ने हिस्सा लिया।सम्मेलन भारत के विदेश मंत्रालय और भारत स्काउट गाइड के तत्वावधान में आयोजित किया गया। गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्र देव राघवेन्द्र सिंह चौधरी को श्रीनगर की एसडीएम व नगर आयुक्त नुपुर वर्मा ने सम्मानित कर बधाई दी।एसडीएम ने कहा कि देव राघवेन्द्र सिंह चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्तराखंड और भारत का मान बढ़ाया है।उनकी यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। सम्मेलन में देवराघवेन्द्र ने उत्तराखंड हिमालय के हस्तशिल्प और जैविक उत्पादों को बढ़ावा देकर हरित उद्यमिता स्थापित करने पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने युवाओं को हरित उद्यमिता विकास की दिशा में प्रेरित किया। बीम्सटेक राष्ट्रों के युवाओं के बीच संवादात्मक सत्र में उन्होंने उद्यमिता विकास के गुर भी बताए। देवराघवेन्द्र ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य राष्ट्रों के युवाओं को एक मंच पर लाकर उच्च नेतृत्व क्षमता प्रदान करना,सृजनशीलता और नवाचार को बढ़ावा देना,सतत विकास और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करना,और युवाओं के बीच आपसी संबंधों को मजबूत कर युवा नेतृत्व नेटवर्क की स्थापना करना है।मूल रूप से रुद्रप्रयाग जिले की रानीगढ़ पट्टी के कोट मल्ला गांव के निवासी देवराघवेन्द्र पिछले 10 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यरत हैं। उन्होंने अब तक 50 हजार पौधों का रोपण किया,पर्यावरण पाठशाला अभियान के तहत विश्वभर के 60 हजार छात्रों को प्रशिक्षण दिया और जल संरक्षण के लिए चाल-खाल-खंती निर्माण कर सूखे जलस्रोतों को पुनर्जीवित किया। अपने गांव की 35 महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्होंने 500 चाल-खाल का निर्माण कराया,जिससे लगभग दो लाख लीटर जल संचय हुआ।देवराघवेन्द्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में हिम संवाद में बतौर विशेषज्ञ भाग लिया,2022 में युवा पर्यावरण सांसद के रूप में संसद भवन,नई दिल्ली में प्रतिनिधित्व किया,और 2023 में दिल्ली में माटी मित्र सम्मान से सम्मानित हुए। इसके अलावा उन्हें पर्यावरण सम्मान,युवा गौरव सम्मान,हरितदूत सेवा सम्मान सहित कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया है।
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देव राघवेन्द्र ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया उत्तराखंड और भारत का मान एसडीएम श्रीनगर ने किया सम्मानित
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।अंतरराष्ट्रीय युवा नेतृत्व शिखर सम्मेलन (बिम्सटेक) में उत्तराखंड के पर्यावरण विशेषज्ञ देव राघवेन्द्र सिंह चौधरी ने प्रतिभाग कर राज्य और देश का गौरव बढ़ाया। गुवाहाटी (असम) में आयोजित इस सम्मेलन में भारत सहित छह देशों के करीब 100 युवाओं ने हिस्सा लिया।सम्मेलन भारत के विदेश मंत्रालय और भारत स्काउट गाइड के तत्वावधान में आयोजित किया गया। गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्र देव राघवेन्द्र सिंह चौधरी को श्रीनगर की एसडीएम व नगर आयुक्त नुपुर वर्मा ने सम्मानित कर बधाई दी।एसडीएम ने कहा कि देव राघवेन्द्र सिंह चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्तराखंड और भारत का मान बढ़ाया है।उनकी यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। सम्मेलन में देवराघवेन्द्र ने उत्तराखंड हिमालय के हस्तशिल्प और जैविक उत्पादों को बढ़ावा देकर हरित उद्यमिता स्थापित करने पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने युवाओं को हरित उद्यमिता विकास की दिशा में प्रेरित किया। बीम्सटेक राष्ट्रों के युवाओं के बीच संवादात्मक सत्र में उन्होंने उद्यमिता विकास के गुर भी बताए। देवराघवेन्द्र ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य राष्ट्रों के युवाओं को एक मंच पर लाकर उच्च नेतृत्व क्षमता प्रदान करना,सृजनशीलता और नवाचार को बढ़ावा देना,सतत विकास और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करना,और युवाओं के बीच आपसी संबंधों को मजबूत कर युवा नेतृत्व नेटवर्क की स्थापना करना है।मूल रूप से रुद्रप्रयाग जिले की रानीगढ़ पट्टी के कोट मल्ला गांव के निवासी देवराघवेन्द्र पिछले 10 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यरत हैं। उन्होंने अब तक 50 हजार पौधों का रोपण किया,पर्यावरण पाठशाला अभियान के तहत विश्वभर के 60 हजार छात्रों को प्रशिक्षण दिया और जल संरक्षण के लिए चाल-खाल-खंती निर्माण कर सूखे जलस्रोतों को पुनर्जीवित किया। अपने गांव की 35 महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्होंने 500 चाल-खाल का निर्माण कराया,जिससे लगभग दो लाख लीटर जल संचय हुआ।देवराघवेन्द्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में हिम संवाद में बतौर विशेषज्ञ भाग लिया,2022 में युवा पर्यावरण सांसद के रूप में संसद भवन,नई दिल्ली में प्रतिनिधित्व किया,और 2023 में दिल्ली में माटी मित्र सम्मान से सम्मानित हुए। इसके अलावा उन्हें पर्यावरण सम्मान,युवा गौरव सम्मान,हरितदूत सेवा सम्मान सहित कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया है।