Spread the love

अंत्योदय दिवस पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई गई

प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। पंडित दीनदयाल उपाध्याय,भारतीय जनता पार्टी के पूर्ववर्ती भारतीय जनता संघ के सह-संस्थापक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चिंतक,की जयंती के अवसर पर अंत्योदय दिवस का आयोजन मलवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र,चौरस कैंपस,हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय,श्रीनगर गढ़वाल में किया गया।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्री प्रकाश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में प्रो.सिंह ने कहा,अंत्योदय शब्द का अर्थ है समाज के अंतिम व्यक्ति का उत्थान’जो उपाध्याय के उस मिशन का प्रतिनिधित्व करता है,जिसमें समाज के सबसे पिछड़े व्यक्तियों की जरूरतों को पूरा करना मुख्य उद्देश्य था। यह दिन विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से समाज के पिछड़े वर्ग के उत्थान और जागरूकता हेतु समर्पित है।इससे पूर्व प्रो.मोहन सिंह पवार,डीन भर्ती एवं पदोन्नति,और प्रो.डी.एस.नेगी,रसायन विभाग,ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इसके बाद प्रो.हेमवती नंदन पांडेय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन परिचय देते हुए बताया,उपाध्याय एक प्रख्यात दार्शनिक थे,जिन्होंने गरीब और जरूरतमंदों के कल्याण के लिए कार्य किया। वे समग्र मानवतावाद के प्रमुख प्रवर्तक थे,जो व्यक्तिगत और सामाजिक कल्याण,सामाजिक न्याय,आर्थिक समानता और आत्मनिर्भरता पर आधारित था।सरकार और गैर-सरकारी संगठन अक्सर इस अवसर पर कार्यशालाएँ,सेमिनार और सामुदायिक सेवा कार्यक्रम आयोजित करते हैं,जिनका उद्देश्य कौशल विकास,स्वास्थ्य और शिक्षा को बढ़ावा देना होता है।इस कार्यक्रम का संचालन डॉ.अमरजीत सिंह,शिक्षा विभाग ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ.राकेश नेगी,राजनीतिक विज्ञान विभाग ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रो.राजेंद्र सिंह फर्त्याल,प्रो.एम.एम.सेमवाल,प्रो.आर.एस.नेगी सहित अन्य संकाय सदस्य,शोध छात्र और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Whatsapp