सूबे में टीबी मरीजों के सहयोग को 4276 लोग बने नि-क्षय मित्र
प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।स्वस्थ नारी,सशक्त परिवार अभियान के तहत प्रदेशभर की चिकित्सा इकाइयों में आयोजित किये जा रहे स्वास्थ्य शिविरों में लोग टीबी मरीजों को गोद लेने के लिये आगे आ रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न संस्थाओं ने भी निक्षय मित्र बनने में दिलचस्पी दिखाई है। इस अभियान के तहत अब तक 4276 लोगों व संस्थाओं ने मिलकर नि-क्षय के लिये अपना पंजीकरण कराया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक प्रदेशभर में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में जहां बड़ी संख्या में लोग अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच करा रहे हैं,वहीं टीबी मरीजों के सहयोग के लिये भी लोग आगे आ रहे हैं। इसके अलावा कई संस्थाओं ने भी नि:क्षय मित्र की भूमिका निभाने में दिलचस्पी दिखाई है।अभियान के अंतर्गत अभी तक 4276 लोगों व संस्थाओं ने नि:क्षय मित्र के लिये अपना पंजीकरण कराया है। जिसमें अल्मोड़ा जनपद में 474 लोगों ने नि:क्षय मित्र के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। इसी प्रकार बागेश्वर 137,चमोली 49,चंपावत 308,देहरादून 738,हरिद्वार 548,नैनीताल 312,पौड़ी 423,पिथौरागढ़ 235,रुद्रप्रयाग 130,टिहरी 262,उधमसिंह नगर 610 और उत्तरकाशी में 50 लोगों ने निक्षय मित्र बनने के लिये अपना पंजीकरण कराया।विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में टीबी उन्मूलन में नि:क्षय मित्र अहम भूमिका निभा रहे हैं। निक्षय मित्र टीबी रोगियों को इलाज के दौरान हर माह पोषक आहार मुहैया कराने के साथ ही भावनात्मक सहयोग भी प्रदान करेंगे। निक्षय मित्रों के संपर्क में रहने से मरीजों को यह ताकत भी मिलेगी कि वह इस लड़ाई में अकेले नहीं हैं।बयान टीबी उन्मूलन के लिये प्रदेश में हर स्तर पर संगठित रूप से कार्य किया जा रहा है। इस जनआंदोलन में बड़ी संख्या में लोग आगे आकर टीबी मरीजों को गोद ले रहे हैं। अभियान के तहत अब तक 4276 लोगों ने निक्षय मित्र बनने के लिये पंजीकरण कराया है। यह जनभागीदारी टीबी मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को और मजबूत बना रही है।डॉ धन सिंह रावत,स्वास्थ्य मंत्री उत्तराखंड
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सूबे में टीबी मरीजों के सहयोग को 4276 लोग बने नि-क्षय मित्र
प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल।स्वस्थ नारी,सशक्त परिवार अभियान के तहत प्रदेशभर की चिकित्सा इकाइयों में आयोजित किये जा रहे स्वास्थ्य शिविरों में लोग टीबी मरीजों को गोद लेने के लिये आगे आ रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न संस्थाओं ने भी निक्षय मित्र बनने में दिलचस्पी दिखाई है। इस अभियान के तहत अब तक 4276 लोगों व संस्थाओं ने मिलकर नि-क्षय के लिये अपना पंजीकरण कराया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक प्रदेशभर में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में जहां बड़ी संख्या में लोग अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच करा रहे हैं,वहीं टीबी मरीजों के सहयोग के लिये भी लोग आगे आ रहे हैं। इसके अलावा कई संस्थाओं ने भी नि:क्षय मित्र की भूमिका निभाने में दिलचस्पी दिखाई है।अभियान के अंतर्गत अभी तक 4276 लोगों व संस्थाओं ने नि:क्षय मित्र के लिये अपना पंजीकरण कराया है। जिसमें अल्मोड़ा जनपद में 474 लोगों ने नि:क्षय मित्र के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। इसी प्रकार बागेश्वर 137,चमोली 49,चंपावत 308,देहरादून 738,हरिद्वार 548,नैनीताल 312,पौड़ी 423,पिथौरागढ़ 235,रुद्रप्रयाग 130,टिहरी 262,उधमसिंह नगर 610 और उत्तरकाशी में 50 लोगों ने निक्षय मित्र बनने के लिये अपना पंजीकरण कराया।विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में टीबी उन्मूलन में नि:क्षय मित्र अहम भूमिका निभा रहे हैं। निक्षय मित्र टीबी रोगियों को इलाज के दौरान हर माह पोषक आहार मुहैया कराने के साथ ही भावनात्मक सहयोग भी प्रदान करेंगे। निक्षय मित्रों के संपर्क में रहने से मरीजों को यह ताकत भी मिलेगी कि वह इस लड़ाई में अकेले नहीं हैं।बयान टीबी उन्मूलन के लिये प्रदेश में हर स्तर पर संगठित रूप से कार्य किया जा रहा है। इस जनआंदोलन में बड़ी संख्या में लोग आगे आकर टीबी मरीजों को गोद ले रहे हैं। अभियान के तहत अब तक 4276 लोगों ने निक्षय मित्र बनने के लिये पंजीकरण कराया है। यह जनभागीदारी टीबी मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को और मजबूत बना रही है।डॉ धन सिंह रावत,स्वास्थ्य मंत्री उत्तराखंड