लैंसडाउन में शहीद सम्मान समारोह की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे गणेश जोशी,मुख्यमंत्री होंगे मुख्य अतिथि
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। 5 अक्टूबर (कल रविवार) को लैंसडाउन में होने वाले शहीद सम्मान समारोह की तैयारियों का जायज़ा लेने शनिवार को सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी लैंसडाउन पहुंचे। इस भव्य कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।लैंसडाउन के परेड मैदान में हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद मंत्री जोशी सीधे कार्यक्रम स्थल पहुंचे और समारोह स्थल पर व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कार्यक्रम की तैयारियां पूरी गरिमा और समयबद्धता के साथ सुनिश्चित की जाएं ताकि किसी भी प्रकार की कमी न रह जाय।मंत्री ने कहा कि लैंसडाउन उनकी कर्मभूमि रही है और यहां आकर उन्हें गर्व की अनुभूति होती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1976 में उन्होंने यहीं से एक राइफलमैन के रूप में भारतीय सेना में भर्ती होकर राष्ट्रसेवा का संकल्प लिया था।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लैंसडाउन में शहीद सम्मान समारोह आयोजित करने की सहमति देना,सैनिकों और उनके परिजनों के प्रति राज्य सरकार की गहरी संवेदनशीलता को दर्शाता है।निरीक्षण के दौरान सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर अमृतलाल,जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल वीरेंद्र प्रसाद भट्ट,उप जिलाधिकारी शालिनी मौर्य,भाजपा जिलाध्यक्ष राज गौरव नौटियाल सहित सेना,जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।
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लैंसडाउन में शहीद सम्मान समारोह की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे गणेश जोशी,मुख्यमंत्री होंगे मुख्य अतिथि
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। 5 अक्टूबर (कल रविवार) को लैंसडाउन में होने वाले शहीद सम्मान समारोह की तैयारियों का जायज़ा लेने शनिवार को सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी लैंसडाउन पहुंचे। इस भव्य कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।लैंसडाउन के परेड मैदान में हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद मंत्री जोशी सीधे कार्यक्रम स्थल पहुंचे और समारोह स्थल पर व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कार्यक्रम की तैयारियां पूरी गरिमा और समयबद्धता के साथ सुनिश्चित की जाएं ताकि किसी भी प्रकार की कमी न रह जाय।मंत्री ने कहा कि लैंसडाउन उनकी कर्मभूमि रही है और यहां आकर उन्हें गर्व की अनुभूति होती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1976 में उन्होंने यहीं से एक राइफलमैन के रूप में भारतीय सेना में भर्ती होकर राष्ट्रसेवा का संकल्प लिया था।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लैंसडाउन में शहीद सम्मान समारोह आयोजित करने की सहमति देना,सैनिकों और उनके परिजनों के प्रति राज्य सरकार की गहरी संवेदनशीलता को दर्शाता है।निरीक्षण के दौरान सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर अमृतलाल,जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल वीरेंद्र प्रसाद भट्ट,उप जिलाधिकारी शालिनी मौर्य,भाजपा जिलाध्यक्ष राज गौरव नौटियाल सहित सेना,जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।