पौड़ी में खुरपका-मुंहपका रोग टीकाकरण अभियान का शुभारंभ,सीडीओ ने दिखाई हरी झंडी
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।पशुपालन विभाग द्वारा जनपद भर में खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव के लिए वृहद् टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गयी है। यह अभियान 4 अक्टूबर से 17 नवंबर 2025 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान विभाग की ओर से गठित 66 दल गांव-गांव जाकर पशुओं का टीकाकरण कार्य करेंगे।विकास भवन में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने टीकाकरण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पशुधन की सुरक्षा के लिए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य न केवल पशुओं को बीमारियों से बचाना है,बल्कि पशुपालकों की आय में स्थिरता और वृद्धि सुनिश्चित करना भी है। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि पशुपालन क्षेत्र ग्रामीण रोजगार और आजीविका का एक मजबूत माध्यम है,इसलिए प्रत्येक पशुपालक को इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी गांव या पशुपालक को टीकाकरण से वंचित न रहने दिया जाए और जागरूकता अभियान भी साथ-साथ चलाया जाय।मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा ने बताया कि जनपद में गठित 66 दल प्रत्येक विकासखंड में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान बड़े पशुधन भैंस,गाय,बेल को लगभग 1 लाख 60 हजार और छोटे पशुधन भेड़,बकरी व अन्य को लगभग 1 लाख 35 हजार टीके लगाए जाएंगे।उन्होंने कहा कि 45 दिनों तक चलने वाला यह टीकाकरण न केवल पशुओं की सेहत की दृष्टि से आवश्यक है,बल्कि यह पूरे प्रदेश को इस बीमारी से मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण और पशुपालक मिलजुलकर सहयोग करें,तो जल्द ही उत्तराखंड को खुरपका-मुंहपका मुक्त राज्य घोषित किया जा सकता है।इस अवसर पर डीपीआरओ जितेन्द्र कुमार,उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.नंदन,पशु चिकित्साधिकारी डॉ.एकता बिष्ट,डॉ.सीमांत नौटियाल,पशुधन प्रसार अधिकारी विवेक कुमार,परीक्षित काला,पायल सैनी,धीरज पंवार,कविता नेगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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पौड़ी में खुरपका-मुंहपका रोग टीकाकरण अभियान का शुभारंभ,सीडीओ ने दिखाई हरी झंडी
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।पशुपालन विभाग द्वारा जनपद भर में खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव के लिए वृहद् टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गयी है। यह अभियान 4 अक्टूबर से 17 नवंबर 2025 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान विभाग की ओर से गठित 66 दल गांव-गांव जाकर पशुओं का टीकाकरण कार्य करेंगे।विकास भवन में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने टीकाकरण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पशुधन की सुरक्षा के लिए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य न केवल पशुओं को बीमारियों से बचाना है,बल्कि पशुपालकों की आय में स्थिरता और वृद्धि सुनिश्चित करना भी है। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि पशुपालन क्षेत्र ग्रामीण रोजगार और आजीविका का एक मजबूत माध्यम है,इसलिए प्रत्येक पशुपालक को इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी गांव या पशुपालक को टीकाकरण से वंचित न रहने दिया जाए और जागरूकता अभियान भी साथ-साथ चलाया जाय।मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा ने बताया कि जनपद में गठित 66 दल प्रत्येक विकासखंड में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान बड़े पशुधन भैंस,गाय,बेल को लगभग 1 लाख 60 हजार और छोटे पशुधन भेड़,बकरी व अन्य को लगभग 1 लाख 35 हजार टीके लगाए जाएंगे।उन्होंने कहा कि 45 दिनों तक चलने वाला यह टीकाकरण न केवल पशुओं की सेहत की दृष्टि से आवश्यक है,बल्कि यह पूरे प्रदेश को इस बीमारी से मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण और पशुपालक मिलजुलकर सहयोग करें,तो जल्द ही उत्तराखंड को खुरपका-मुंहपका मुक्त राज्य घोषित किया जा सकता है।इस अवसर पर डीपीआरओ जितेन्द्र कुमार,उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.नंदन,पशु चिकित्साधिकारी डॉ.एकता बिष्ट,डॉ.सीमांत नौटियाल,पशुधन प्रसार अधिकारी विवेक कुमार,परीक्षित काला,पायल सैनी,धीरज पंवार,कविता नेगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।