बद्रीनाथ मार्ग पर हादसे से बाल-बाल बचे तीर्थयात्री: चमोली पुलिस ने समय पर पहुंचकर बचाई जान
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।बद्रीनाथ धाम से तीन किलोमीटर पहले हरियाणा से आए कुछ तीर्थयात्रियों की Mahindra XUV अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरे खड्ड (झरने) के पास फँस गई। यह घटना एक मोड़ पर दूसरी गाड़ी को बचाने के प्रयास में हुई।यात्रियों ने जैसे ही 112 पर मदद के लिए कॉल किया,थाना बद्रीनाथ के थानाध्यक्ष नवनीत भंडारी ने कां.आदर्श कां.गौरव व कां.विकास के साथ बिना देर किए अंधेरे मार्ग पर तत्काल रेस्पॉन्स किया। पुलिस टीम ने सबसे पहले यह सुनिश्चित किया कि वाहन में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें प्राथमिक सहायता दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए,पुलिस टीम ने त्वरित निर्णय लेते हुए क्रेन की व्यवस्था की। घंटों की मशक्कत और कुशल नेतृत्व के दम पर,SUV को सुरक्षित रूप से खड्ड से बाहर निकाला गया,जिससे वाहन को और अधिक क्षति होने से बचाया जा सका।बचाव कार्य समाप्त होने के बाद,पुलिसकर्मियों ने थके हुए यात्रियों को चाय और जलपान कराया,उनके ठहरने में मदद की और उनके आगे की यात्रा के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।दुर्घटना से उबरने के बाद,यात्रियों ने सार्वजनिक रूप से चमोली पुलिस के 'सेवा,सुरक्षा और सहयोग' के जज़्बे की सराहना की और कहा कि विपरीत परिस्थितियों में पुलिस का यह मानवीय व्यवहार उनके लिए किसी देवदूत से कम नहीं था।चमोली पुलिस की अपील:यात्री रात के समय पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से बचें और हमेशा नियंत्रित गति में,पूरी सावधानी के साथ वाहन चलाएँ।
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बद्रीनाथ मार्ग पर हादसे से बाल-बाल बचे तीर्थयात्री: चमोली पुलिस ने समय पर पहुंचकर बचाई जान
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।बद्रीनाथ धाम से तीन किलोमीटर पहले हरियाणा से आए कुछ तीर्थयात्रियों की Mahindra XUV अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरे खड्ड (झरने) के पास फँस गई। यह घटना एक मोड़ पर दूसरी गाड़ी को बचाने के प्रयास में हुई।यात्रियों ने जैसे ही 112 पर मदद के लिए कॉल किया,थाना बद्रीनाथ के थानाध्यक्ष नवनीत भंडारी ने कां.आदर्श कां.गौरव व कां.विकास के साथ बिना देर किए अंधेरे मार्ग पर तत्काल रेस्पॉन्स किया। पुलिस टीम ने सबसे पहले यह सुनिश्चित किया कि वाहन में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें प्राथमिक सहायता दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए,पुलिस टीम ने त्वरित निर्णय लेते हुए क्रेन की व्यवस्था की। घंटों की मशक्कत और कुशल नेतृत्व के दम पर,SUV को सुरक्षित रूप से खड्ड से बाहर निकाला गया,जिससे वाहन को और अधिक क्षति होने से बचाया जा सका।बचाव कार्य समाप्त होने के बाद,पुलिसकर्मियों ने थके हुए यात्रियों को चाय और जलपान कराया,उनके ठहरने में मदद की और उनके आगे की यात्रा के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।दुर्घटना से उबरने के बाद,यात्रियों ने सार्वजनिक रूप से चमोली पुलिस के ‘सेवा,सुरक्षा और सहयोग’ के जज़्बे की सराहना की और कहा कि विपरीत परिस्थितियों में पुलिस का यह मानवीय व्यवहार उनके लिए किसी देवदूत से कम नहीं था।चमोली पुलिस की अपील:यात्री रात के समय पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से बचें और हमेशा नियंत्रित गति में,पूरी सावधानी के साथ वाहन चलाएँ।