हरिद्वार राज्य मंत्री सुनील सैनी ने ‘मन की बात’ में स्थानीय उत्पादों को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत का संदेश दिया
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।आज राज्य मंत्री सुनील सैनी ने हरिद्वार विधानसभा के कनखल मंडल में बूथ नंबर 103 पर दुनिया के सर्वाधिक लोकप्रिय कार्यक्रम 'मन की बात' के 127वें संस्करण में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों को सुना और आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के निमित हर घर स्वदेशी घर घर स्वदेशी के संकल्प को लेकर स्थानीय लोगों से मिलकर स्वदेशी उत्पादों को अपने जीवन में प्रयोग करने का आह्वान किया।देवभूमि उत्तराखंड अपने विविध प्रकार के कृषि उत्पादों,हस्तशिल्प,औषधीय पौधों और पारंपरिक कला के लिए जाना जाता है,जो इसकी समृद्ध संस्कृति और भौगोलिक स्थिति को दर्शाते हैं।देवभूमि उत्तराखंड में उगाया जाने वाला मोटा अनाज मंडुआ (रागी) और झंगोरा (बार्नयार्ड मिलेट) जैसे मोटे अनाज बहुत पौष्टिक होते हैं।दालें यहां गहत की दाल,काला भट्ट और काली दाल जैसी स्थानीय दालें मिलती हैं,जो अपने अनूठे स्वाद और पोषक तत्वों के लिए प्रसिद्ध हैं।हिमालयी क्षेत्रों में शुद्ध शहद का उत्पादन होता है। मंत्री ने बताया स्थानीय उद्योगों को मजबूत करके और आयात पर निर्भरता कम करके भारत को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। मन की बात कार्यक्रम में कनखल मंडल अध्यक्ष प्रशांत शर्मा,जिला महामंत्री हीरा बिष्ट,पार्षद शुभम मंडोला,मनोज वर्मा,संजीव त्यागी,नीरज राणा जी, भाजपा पदाधिकारी एवं देव तुल्य कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे l
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हरिद्वार राज्य मंत्री सुनील सैनी ने ‘मन की बात’ में स्थानीय उत्पादों को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत का संदेश दिया
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।आज राज्य मंत्री सुनील सैनी ने हरिद्वार विधानसभा के कनखल मंडल में बूथ नंबर 103 पर दुनिया के सर्वाधिक लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 127वें संस्करण में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों को सुना और आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के निमित हर घर स्वदेशी घर घर स्वदेशी के संकल्प को लेकर स्थानीय लोगों से मिलकर स्वदेशी उत्पादों को अपने जीवन में प्रयोग करने का आह्वान किया।देवभूमि उत्तराखंड अपने विविध प्रकार के कृषि उत्पादों,हस्तशिल्प,औषधीय पौधों और पारंपरिक कला के लिए जाना जाता है,जो इसकी समृद्ध संस्कृति और भौगोलिक स्थिति को दर्शाते हैं।देवभूमि उत्तराखंड में उगाया जाने वाला मोटा अनाज मंडुआ (रागी) और झंगोरा (बार्नयार्ड मिलेट) जैसे मोटे अनाज बहुत पौष्टिक होते हैं।दालें यहां गहत की दाल,काला भट्ट और काली दाल जैसी स्थानीय दालें मिलती हैं,जो अपने अनूठे स्वाद और पोषक तत्वों के लिए प्रसिद्ध हैं।हिमालयी क्षेत्रों में शुद्ध शहद का उत्पादन होता है। मंत्री ने बताया स्थानीय उद्योगों को मजबूत करके और आयात पर निर्भरता कम करके भारत को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। मन की बात कार्यक्रम में कनखल मंडल अध्यक्ष प्रशांत शर्मा,जिला महामंत्री हीरा बिष्ट,पार्षद शुभम मंडोला,मनोज वर्मा,संजीव त्यागी,नीरज राणा जी, भाजपा पदाधिकारी एवं देव तुल्य कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे l