प्रदीप कुमार
कोटद्वार-पौड़ी-श्रीनगर गढ़वाल। कभी-कभी बच्चों का मासूम गुस्सा उन्हें ऐसे कदम उठाने पर मजबूर कर देता है जिसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। ऐसा ही एक मामला कोटद्वार क्षेत्र में सामने आया जहां घर से नाराज होकर निकले तीन नाबालिग बालकों को कोटद्वार पुलिस ने तत्परता और संवेदनशीलता दिखाते हुए सकुशल उनके परिजनों से मिलवा दिया। 30 मई 2026 को कोटद्वार क्षेत्र के किशनपुरी-कलालघाटी में तीन नाबालिग बालक संदिग्ध अवस्था में भटकते हुए पाए गए। सूचना मिलने पर कोटद्वार पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तीनों बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर चौकी कलालघाटी ले आई। वहां बच्चों से आत्मीयता के साथ बातचीत कर उनकी जानकारी जुटाई गई। पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि वे देहरादून जनपद के डोईवाला क्षेत्र के निवासी हैं। घर में माता-पिता की डांट से नाराज होकर वे गुस्से में घर छोड़कर कोटद्वार पहुंच गए थे। बच्चों की बात सुनने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल उनके परिजनों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम ने बच्चों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित की तथा डोईवाला पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया। लगातार प्रयासों और बेहतर पुलिस समन्वय के चलते शीघ्र ही बच्चों के परिजनों से संपर्क स्थापित कर लिया गया। सूचना मिलने पर परिजन चौकी कलालघाटी पहुंचे जहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तीनों नाबालिग बच्चों को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अपने बच्चों को सुरक्षित पाकर परिजनों ने कोटद्वार पुलिस का आभार व्यक्त किया और पुलिस की तत्परता संवेदनशीलता तथा मानवीय कार्यशैली की सराहना की। इस पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है बल्कि जरूरत के समय लोगों की सहायता और सुरक्षा के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती है। पुलिस टीम में शामिल रहे उपनिरीक्षक राजा राम डोभाल चौकी प्रभारी कलालघाटी मुख्य आरक्षी बृजमोहन भट्ट आरक्षी अनिल राणा
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प्रदीप कुमार
कोटद्वार-पौड़ी-श्रीनगर गढ़वाल। कभी-कभी बच्चों का मासूम गुस्सा उन्हें ऐसे कदम उठाने पर मजबूर कर देता है जिसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। ऐसा ही एक मामला कोटद्वार क्षेत्र में सामने आया जहां घर से नाराज होकर निकले तीन नाबालिग बालकों को कोटद्वार पुलिस ने तत्परता और संवेदनशीलता दिखाते हुए सकुशल उनके परिजनों से मिलवा दिया। 30 मई 2026 को कोटद्वार क्षेत्र के किशनपुरी-कलालघाटी में तीन नाबालिग बालक संदिग्ध अवस्था में भटकते हुए पाए गए। सूचना मिलने पर कोटद्वार पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तीनों बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर चौकी कलालघाटी ले आई। वहां बच्चों से आत्मीयता के साथ बातचीत कर उनकी जानकारी जुटाई गई। पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि वे देहरादून जनपद के डोईवाला क्षेत्र के निवासी हैं। घर में माता-पिता की डांट से नाराज होकर वे गुस्से में घर छोड़कर कोटद्वार पहुंच गए थे। बच्चों की बात सुनने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल उनके परिजनों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम ने बच्चों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित की तथा डोईवाला पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया। लगातार प्रयासों और बेहतर पुलिस समन्वय के चलते शीघ्र ही बच्चों के परिजनों से संपर्क स्थापित कर लिया गया। सूचना मिलने पर परिजन चौकी कलालघाटी पहुंचे जहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तीनों नाबालिग बच्चों को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अपने बच्चों को सुरक्षित पाकर परिजनों ने कोटद्वार पुलिस का आभार व्यक्त किया और पुलिस की तत्परता संवेदनशीलता तथा मानवीय कार्यशैली की सराहना की। इस पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है बल्कि जरूरत के समय लोगों की सहायता और सुरक्षा के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती है। पुलिस टीम में शामिल रहे उपनिरीक्षक राजा राम डोभाल चौकी प्रभारी कलालघाटी मुख्य आरक्षी बृजमोहन भट्ट आरक्षी अनिल राणा