नशे और साइबर खतरों पर नन्दानगर पुलिस का पंच बच्चों को सिखाया स्मार्ट बनो सेफ रहो का फंडा
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।बच्चों को अपराध और नशे के अँधेरे जाल' से बचाने के लिए,आज थाना नन्दानगर पुलिस ने एक हाई-इम्पैक्ट जागरूकता अभियान चलाया। राजकीय जूनियर हाईस्कूल चुफलाकोट में,पुलिस टीम ने केवल कानूनी पाठ नहीं पढ़ाया,बल्कि छात्रों को डिजिटल दुनिया और समाज के खतरों के खिलाफ आत्मरक्षा की ढाल थमाई।प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र रावत और उ.नि.सन्दीप देवरानी की अगुवाई में,पुलिस टीम ने छात्रों के बीच पहुँचकर उनकी भाषा में बड़े खतरों पर फोकस किया:किसी भी अज्ञात लिंक,OTP, या अजनबी से निजी जानकारी साझा न करें। ऑनलाइन दोस्ती पर भरोसा न करें और साइबर बुलिंग होने पर तुरंत रिपोर्ट करें।साथियों के दबाव में आकर तंबाकू या ड्रग्स को छूना भी नहीं है। यह खेल नहीं,ज़िंदगी का सवाल है। अपनी ऊर्जा को पढ़ाई और खेल में लगाओ।डराना-धमकाना या छेड़छाड़ एक अपराध है। चुप रहना कमजोरी नहीं,बल्कि अपराधी को बढ़ावा देना है। शिक्षक या हेल्पलाइन को बिना डरे सूचना दें। शरीर की सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है।किसी भी अवांछित स्पर्श या अनुचित व्यवहार को तुरंत रिपोर्ट करें।इधर,नंदप्रयाग क्षेत्र में चौकी प्रभारी विजय प्रकाश ने बाज़ार और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आजकल अपराधी फ़ोन और इंटरनेट के ज़रिए आपकी बचत चुरा रहे हैं।चौकी प्रभारी विजय प्रकाश ने कहा: कोई भी बैंक अधिकारी या सरकारी कर्मचारी फ़ोन पर आपसे OTP या ATM पिन नहीं मांगता। यदि कोई मांगता है,तो समझ लीजिए कि वह अपराधी है। तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें।
Spread the love
नशे और साइबर खतरों पर नन्दानगर पुलिस का पंच बच्चों को सिखाया स्मार्ट बनो सेफ रहो का फंडा
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।बच्चों को अपराध और नशे के अँधेरे जाल’ से बचाने के लिए,आज थाना नन्दानगर पुलिस ने एक हाई-इम्पैक्ट जागरूकता अभियान चलाया। राजकीय जूनियर हाईस्कूल चुफलाकोट में,पुलिस टीम ने केवल कानूनी पाठ नहीं पढ़ाया,बल्कि छात्रों को डिजिटल दुनिया और समाज के खतरों के खिलाफ आत्मरक्षा की ढाल थमाई।प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र रावत और उ.नि.सन्दीप देवरानी की अगुवाई में,पुलिस टीम ने छात्रों के बीच पहुँचकर उनकी भाषा में बड़े खतरों पर फोकस किया:किसी भी अज्ञात लिंक,OTP, या अजनबी से निजी जानकारी साझा न करें। ऑनलाइन दोस्ती पर भरोसा न करें और साइबर बुलिंग होने पर तुरंत रिपोर्ट करें।साथियों के दबाव में आकर तंबाकू या ड्रग्स को छूना भी नहीं है। यह खेल नहीं,ज़िंदगी का सवाल है। अपनी ऊर्जा को पढ़ाई और खेल में लगाओ।डराना-धमकाना या छेड़छाड़ एक अपराध है। चुप रहना कमजोरी नहीं,बल्कि अपराधी को बढ़ावा देना है। शिक्षक या हेल्पलाइन को बिना डरे सूचना दें। शरीर की सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है।किसी भी अवांछित स्पर्श या अनुचित व्यवहार को तुरंत रिपोर्ट करें।इधर,नंदप्रयाग क्षेत्र में चौकी प्रभारी विजय प्रकाश ने बाज़ार और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आजकल अपराधी फ़ोन और इंटरनेट के ज़रिए आपकी बचत चुरा रहे हैं।चौकी प्रभारी विजय प्रकाश ने कहा: कोई भी बैंक अधिकारी या सरकारी कर्मचारी फ़ोन पर आपसे OTP या ATM पिन नहीं मांगता। यदि कोई मांगता है,तो समझ लीजिए कि वह अपराधी है। तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें।