जिलाधिकारी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने वर्चुअल रूप से किया श्रीनगर बैकुंठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।श्रीनगर स्थित आवास विकास मैदान में आयोजित बैकुंठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया नगर निगम श्रीनगर की मेयर आरती भंडारी,
जनप्रतिनिधि,अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।मेयर ने मुख्यमंत्री को आभासी रूप में शॉल,पुष्पगुच्छ एवं स्मृतिचिह्न भेंट कर स्वागत किया। पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने अतिथियों का पारंपरिक ढंग से स्वागत किया।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को बैकुंठ चतुर्दशी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्रीनगर का यह मेला उत्तराखंड की प्राचीन परंपरा,आस्था और लोकसंस्कृति का जीवंत उदाहरण है।
यह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है,बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने,पारंपरिक कला,संस्कृति और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने का भी माध्यम बन चुका है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए सतत प्रयासरत है। श्री बद्रीनाथ एवं केदारनाथ मास्टर प्लान के तहत पुनर्निर्माण कार्य हों या ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेललाइन निर्माण कार्य सभी योजनाएँ तीव्र गति से प्रगति पर हैं।उन्होंने कहा कि श्रीनगर क्षेत्र में भी व्यापक स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे
हैं। इसमें रोडवेज बस स्टेशन में पार्किंग का निर्माण,अलकनंदा नदी के तट पर गंगा संस्कृति केंद्र की स्थापना,तथा श्रीनगर पालिका को नगर निगम का दर्जा देकर नगर के पार्कों,पार्किंग स्थलों और सड़कों का सुधार कार्य शामिल है। उन्होंने कहा कि बिलकेदार एवं बेलकंडी क्षेत्र में नयी टाउनशिप विकसित करने का कार्य भी प्रगति पर है।मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीनगर गढ़वाल शिक्षा,संस्कृति और आध्यात्मिकता का केंद्र रहा है।बैकुंठ चतुर्दशी मेला यहां की ऐतिहासिक पहचान है,जिसे संजोकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस मेले में हर वर्ग की सहभागिता सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को दर्शाती है। राज्य सरकार का प्रयास है कि ऐसे पारंपरिक मेलों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास प्रदर्शनी के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंच रही है,जिससे जनसहभागिता और पारदर्शिता दोनों को बल मिलेगा।उन्होंने श्रीनगर में हो रहे नगर विकास कार्यों की भी सराहना की और कहा कि स्वच्छता,जल संरक्षण एवं पर्यटन की दिशा में नगर निगम के प्रयास अनुकरणीय हैं।मेयर आरती भंडारी ने मेले की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में श्रीनगर नगर क्षेत्र में अनेक विकास कार्य हुए हैं,जिनमें डंपिंग जोन को वेस्ट टू वंडर पार्क में परिवर्तित करना,पार्किंग व सामुदायिक भवन का निर्माण तथा स्ट्रीट लाइट एवं पोलों का सुदृढ़ीकरण प्रमुख हैं।
उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए भगवान कमलेश्वर महादेव को नमन किया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक मेला समर्पण,आस्था एवं सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल सांस्कृतिक आयोजन न रहकर सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।विभिन्न जनपदों से व्यापारी,शिल्पकार एवं स्वयं सहायता समूह इसमें भाग ले रहे हैं।जिलाधिकारी ने बताया कि मेले में कई नयी गतिविधियाँ जोड़ी गयी हैं,जिनमें बेबी शो,फन गेम्स,पारंपरिक परिधानों की प्रदर्शनी,महिला स्पोर्ट्स प्रतियोगिताएँ तथा विभिन्न विषयों पर गोष्ठियों का आयोजन शामिल है,जिससे कार्यक्रम और अधिक आकर्षक बना है।विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल
आमजन को शासन की योजनाओं की जानकारी देने और लाभान्वित करने का कार्य कर रहे हैं।जिलाधिकारी ने नगर निगम,विभिन्न सरकारी विभागों और स्थानीय जनता के सहयोग की सराहना की तथा मेयर एवं नगर आयुक्त के साथ गुब्बारे उड़ाकर मेले का शुभारंभ किया।तत्पश्चात उन्होंने डाक विभाग सहित विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिला स्वयं सहायता समूहों से संवाद कर उनके उत्पाद भी खरीदे।
कार्यक्रम के उपरांत जिलाधिकारी तथा मेयर ने कमलेश्वर महादेव मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की एवं भगवान कमलेश्वर से लोककल्याण और समृद्धि की कामना की।कार्यक्रम का मंच संचालन सरिता उनियाल व बबीता थपलियाल ने किया। इस अवसर पर नगर आयुक्त नूपुर वर्मा,पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय,बीडीओ यमकेश्वर दृष्टि आनंद,डीपीओ देवेंद्र थपलियाल,बीईओ खिर्सू अश्विनी रावत,तहसीलदार दीपक भंडारी सहित विभिन्न वार्डों के वार्ड मेंबर व जनसमूह उपस्थित रहा।
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जिलाधिकारी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने वर्चुअल रूप से किया श्रीनगर बैकुंठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।श्रीनगर स्थित आवास विकास मैदान में आयोजित बैकुंठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया नगर निगम श्रीनगर की मेयर आरती भंडारी,
जनप्रतिनिधि,अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।मेयर ने मुख्यमंत्री को आभासी रूप में शॉल,पुष्पगुच्छ एवं स्मृतिचिह्न भेंट कर स्वागत किया। पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने अतिथियों का पारंपरिक ढंग से स्वागत किया।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को बैकुंठ चतुर्दशी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्रीनगर का यह मेला उत्तराखंड की प्राचीन परंपरा,आस्था और लोकसंस्कृति का जीवंत उदाहरण है।
यह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है,बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने,पारंपरिक कला,संस्कृति और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने का भी माध्यम बन चुका है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए सतत प्रयासरत है। श्री बद्रीनाथ एवं केदारनाथ मास्टर प्लान के तहत पुनर्निर्माण कार्य हों या ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेललाइन निर्माण कार्य सभी योजनाएँ तीव्र गति से प्रगति पर हैं।उन्होंने कहा कि श्रीनगर क्षेत्र में भी व्यापक स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे
हैं। इसमें रोडवेज बस स्टेशन में पार्किंग का निर्माण,अलकनंदा नदी के तट पर गंगा संस्कृति केंद्र की स्थापना,तथा श्रीनगर पालिका को नगर निगम का दर्जा देकर नगर के पार्कों,पार्किंग स्थलों और सड़कों का सुधार कार्य शामिल है। उन्होंने कहा कि बिलकेदार एवं बेलकंडी क्षेत्र में नयी टाउनशिप विकसित करने का कार्य भी प्रगति पर है।मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीनगर गढ़वाल शिक्षा,संस्कृति और आध्यात्मिकता का केंद्र रहा है।बैकुंठ चतुर्दशी मेला यहां की ऐतिहासिक पहचान है,जिसे संजोकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस मेले में हर वर्ग की सहभागिता सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को दर्शाती है। राज्य सरकार का प्रयास है कि ऐसे पारंपरिक मेलों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास प्रदर्शनी के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंच रही है,जिससे जनसहभागिता और पारदर्शिता दोनों को बल मिलेगा।उन्होंने श्रीनगर में हो रहे नगर विकास कार्यों की भी सराहना की और कहा कि स्वच्छता,जल संरक्षण एवं पर्यटन की दिशा में नगर निगम के प्रयास अनुकरणीय हैं।मेयर आरती भंडारी ने मेले की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में श्रीनगर नगर क्षेत्र में अनेक विकास कार्य हुए हैं,जिनमें डंपिंग जोन को वेस्ट टू वंडर पार्क में परिवर्तित करना,पार्किंग व सामुदायिक भवन का निर्माण तथा स्ट्रीट लाइट एवं पोलों का सुदृढ़ीकरण प्रमुख हैं।
उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए भगवान कमलेश्वर महादेव को नमन किया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक मेला समर्पण,आस्था एवं सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल सांस्कृतिक आयोजन न रहकर सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।विभिन्न जनपदों से व्यापारी,शिल्पकार एवं स्वयं सहायता समूह इसमें भाग ले रहे हैं।जिलाधिकारी ने बताया कि मेले में कई नयी गतिविधियाँ जोड़ी गयी हैं,जिनमें बेबी शो,फन गेम्स,पारंपरिक परिधानों की प्रदर्शनी,महिला स्पोर्ट्स प्रतियोगिताएँ तथा विभिन्न विषयों पर गोष्ठियों का आयोजन शामिल है,जिससे कार्यक्रम और अधिक आकर्षक बना है।विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल
आमजन को शासन की योजनाओं की जानकारी देने और लाभान्वित करने का कार्य कर रहे हैं।जिलाधिकारी ने नगर निगम,विभिन्न सरकारी विभागों और स्थानीय जनता के सहयोग की सराहना की तथा मेयर एवं नगर आयुक्त के साथ गुब्बारे उड़ाकर मेले का शुभारंभ किया।तत्पश्चात उन्होंने डाक विभाग सहित विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिला स्वयं सहायता समूहों से संवाद कर उनके उत्पाद भी खरीदे।
कार्यक्रम के उपरांत जिलाधिकारी तथा मेयर ने कमलेश्वर महादेव मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की एवं भगवान कमलेश्वर से लोककल्याण और समृद्धि की कामना की।कार्यक्रम का मंच संचालन सरिता उनियाल व बबीता थपलियाल ने किया। इस अवसर पर नगर आयुक्त नूपुर वर्मा,पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय,बीडीओ यमकेश्वर दृष्टि आनंद,डीपीओ देवेंद्र थपलियाल,बीईओ खिर्सू अश्विनी रावत,तहसीलदार दीपक भंडारी सहित विभिन्न वार्डों के वार्ड मेंबर व जनसमूह उपस्थित रहा।