घुमन्तु पशुपालकों के लिए लगाया गया पशु चिकित्सा शिविर
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।जनपद पौड़ी में घुमन्तु पशुपालकों के पशुओं के उपचार हेतु पशुपालन विभाग की ओर से माण्डाखाल (पौड़ी मुख्यालय से लगभग 10 किमी दूर) में पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। शिविर में चिकित्सकों द्वारा भेड़‐बकरी पालन करने वाले घुमन्तु पशुपालकों के झुण्ड का निरीक्षण किया गया। टीम ने पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ डीवॉर्मर,मिनरल सप्लीमेंट,मैग्नीशियम सल्फेट तथा ऑक्सीटेट्रासाइक्लिन इंजेक्शन वितरित किए। पशुपालकों ने बताया कि हाल ही में हुई भारी वर्षा के बाद पशुओं में लगातार खांसी एवं वजन में कमी की समस्या देखी जा रही है।पशु चिकित्सकों ने कुल 30 पशुओं के मल नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच हेतु भेजे। वहीं शिविर में 400 भेड़ व बकरी,6 घोड़े और 10 कुत्तों का टीकाकरण किया गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा ने बताया कि मौसम परिवर्तन के दौरान घुमन्तु पशुओं में परजीवी संक्रमण और खांसी जैसी समस्याएं सामान्य होती हैं। समय पर दवा और पोषक तत्व देने से इन रोगों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।विभाग लगातार ऐसे शिविरों के माध्यम से पशुपालकों की सहायता कर रहा है ताकि उनके पशु स्वस्थ रहें और उनकी आजीविका प्रभावित न हो।उन्होंने बताया कि इसके अलावा पशुपालन विभाग द्वारा जनपदभर में घर–घर जाकर पशुओं पर टीकाकरण किया जा रहा है।शिविर में पशु चिकित्साधिकारी डॉ.आलोक खण्डूरी,डॉ.एकता बिष्ट और एलएसए ध्यान सिंह उपस्थित थे।
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घुमन्तु पशुपालकों के लिए लगाया गया पशु चिकित्सा शिविर
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।जनपद पौड़ी में घुमन्तु पशुपालकों के पशुओं के उपचार हेतु पशुपालन विभाग की ओर से माण्डाखाल (पौड़ी मुख्यालय से लगभग 10 किमी दूर) में पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। शिविर में चिकित्सकों द्वारा भेड़‐बकरी पालन करने वाले घुमन्तु पशुपालकों के झुण्ड का निरीक्षण किया गया। टीम ने पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ डीवॉर्मर,मिनरल सप्लीमेंट,मैग्नीशियम सल्फेट तथा ऑक्सीटेट्रासाइक्लिन इंजेक्शन वितरित किए। पशुपालकों ने बताया कि हाल ही में हुई भारी वर्षा के बाद पशुओं में लगातार खांसी एवं वजन में कमी की समस्या देखी जा रही है।पशु चिकित्सकों ने कुल 30 पशुओं के मल नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच हेतु भेजे। वहीं शिविर में 400 भेड़ व बकरी,6 घोड़े और 10 कुत्तों का टीकाकरण किया गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा ने बताया कि मौसम परिवर्तन के दौरान घुमन्तु पशुओं में परजीवी संक्रमण और खांसी जैसी समस्याएं सामान्य होती हैं। समय पर दवा और पोषक तत्व देने से इन रोगों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।विभाग लगातार ऐसे शिविरों के माध्यम से पशुपालकों की सहायता कर रहा है ताकि उनके पशु स्वस्थ रहें और उनकी आजीविका प्रभावित न हो।उन्होंने बताया कि इसके अलावा पशुपालन विभाग द्वारा जनपदभर में घर–घर जाकर पशुओं पर टीकाकरण किया जा रहा है।शिविर में पशु चिकित्साधिकारी डॉ.आलोक खण्डूरी,डॉ.एकता बिष्ट और एलएसए ध्यान सिंह उपस्थित थे।