पौड़ी जिला चिकित्सालय में टाईप 1 डायबिटीज क्लीनिक गुबारा क्लीनिक का शुभारम्भ
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।आज जिला चिकित्सालय पौड़ी में टाईप 1 डायबिटीज क्लीनिक अथवा गुबारा क्लीनिक का शुभारम्भ अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.विनय कुमार त्यागी एवं प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ.डी.एल.सेमवाल द्वारा किया गया। गैर संचारी रोग कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित इस क्लीनिक के माध्यम से डायबिटीज टाईप 1 से ग्रसित बच्चों को स्क्रीनिंग एवं उपचार सेवाएं प्रदान की जायेंगी। गुबारा क्लीनिक का उद्देश्य टाईप 1 डायबिटीज से ग्रसित बच्चों को उपचार के साथ-साथ प्रत्येक बुधवार को मधुमेह की नियमित जांच के साथ-साथ उन्हें एक माह हेतु घर में उपयोग हेतु ग्लूकोमीटर,ग्लूकोस्ट्रिप व लेंसेट,इंसुलीन की किट एवं लॉगबुक उपलब्ध करायी जाएगी। इस अवसर पर मौजूद प्रतिभागियों को जानकारी देते हुए बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.निशा उपाध्याय ने कहा कि यदि किसी बच्चे का लगातार वजन घट रहा है,बार बार पेशाब आना,बिस्तर गीला करना,अत्यधिक प्यास व भूख लगना,बार बार उल्टी आना,घावों का धीरे धीरे भरना,सांस लेने में परेशानी,तीव्र पेट दर्द जैसे लक्षण हों तो बच्चों के रेंडम ब्लड शुगर की जांच अवश्य कराएं। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.विनय कुमार त्यागी ने कहा कि जिला चिकित्सालय में आज से गुबारा क्लीनिक स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से टी 1 डायबिटीज से ग्रसित बच्चों को चिकित्सालय के साथ-साथ घर पर भी उपचारात्मक सुविधा उपलब्ध करायी जा सकेगी। जनपद में टाइप 1 डायबिटिक ग्रसित बच्चों की लाईन लिस्टिंग की जाएगी सी.एच.ओ.के माध्यम से ऐसे बच्चों की पहचान हेतु अभियान चलाया जायेगा। इस दौरान एन.सी.डी.कंसल्टेंट स्वेता गुसाईं,शकुंतला नेगी,सी.एच.ओ.आदित्य,एकता,नेहा,आदि उपस्थित रहे।
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पौड़ी जिला चिकित्सालय में टाईप 1 डायबिटीज क्लीनिक गुबारा क्लीनिक का शुभारम्भ
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।आज जिला चिकित्सालय पौड़ी में टाईप 1 डायबिटीज क्लीनिक अथवा गुबारा क्लीनिक का शुभारम्भ अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.विनय कुमार त्यागी एवं प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ.डी.एल.सेमवाल द्वारा किया गया। गैर संचारी रोग कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित इस क्लीनिक के माध्यम से डायबिटीज टाईप 1 से ग्रसित बच्चों को स्क्रीनिंग एवं उपचार सेवाएं प्रदान की जायेंगी। गुबारा क्लीनिक का उद्देश्य टाईप 1 डायबिटीज से ग्रसित बच्चों को उपचार के साथ-साथ प्रत्येक बुधवार को मधुमेह की नियमित जांच के साथ-साथ उन्हें एक माह हेतु घर में उपयोग हेतु ग्लूकोमीटर,ग्लूकोस्ट्रिप व लेंसेट,इंसुलीन की किट एवं लॉगबुक उपलब्ध करायी जाएगी। इस अवसर पर मौजूद प्रतिभागियों को जानकारी देते हुए बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.निशा उपाध्याय ने कहा कि यदि किसी बच्चे का लगातार वजन घट रहा है,बार बार पेशाब आना,बिस्तर गीला करना,अत्यधिक प्यास व भूख लगना,बार बार उल्टी आना,घावों का धीरे धीरे भरना,सांस लेने में परेशानी,तीव्र पेट दर्द जैसे लक्षण हों तो बच्चों के रेंडम ब्लड शुगर की जांच अवश्य कराएं। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.विनय कुमार त्यागी ने कहा कि जिला चिकित्सालय में आज से गुबारा क्लीनिक स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से टी 1 डायबिटीज से ग्रसित बच्चों को चिकित्सालय के साथ-साथ घर पर भी उपचारात्मक सुविधा उपलब्ध करायी जा सकेगी। जनपद में टाइप 1 डायबिटिक ग्रसित बच्चों की लाईन लिस्टिंग की जाएगी सी.एच.ओ.के माध्यम से ऐसे बच्चों की पहचान हेतु अभियान चलाया जायेगा। इस दौरान एन.सी.डी.कंसल्टेंट स्वेता गुसाईं,शकुंतला नेगी,सी.एच.ओ.आदित्य,एकता,नेहा,आदि उपस्थित रहे।