श्रीनगर बैकुंठ चतुर्दशी मेले में पंचतत्व बैंड की धुनों पर झूमे दर्शक लोकसंगीत से बंधा समा
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। बैकुंठ चतुर्दशी मेले के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक संध्या में उत्तरकाशी के प्रसिद्ध पंचतत्व बैंड ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से आवास विकास मैदान में मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैंड के कलाकारों ने गढ़वाली और कुमाऊँनी गीतों की ऐसी प्रस्तुति दी कि पूरा मैदान लोकधुनों पर झूम उठा। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। इसके बाद गायक अनुराग नोटियाल,अरविंद चौहान और विकास पंचोला ने ताछुमा ताछुमा छुमा डिग तालो,ज्ञानसू लग्यूं घुनडुं बाँधियों राँसु नरु-बिजोला,सिल्की बांद,चेत की चेतवाली,सीमा पानी सी और तेरी माया मां जैसे लोकप्रिय गीतों से वातावरण को संगीतमय बना दिया। बैंड के साथ टीम प्रबंधक तरुण बिजल्वाण,कीबोर्ड पर रोहित और सोमेश,तबले पर शंकर,ढोलक पर अरुण,तथा अन्य वाद्य यंत्रों पर ऋषभ,सतेंद्र,इशान और कन्हैया ने उम्दा जुगलबंदी प्रस्तुत की। नगर निगम श्रीनगर की महापौर आरती भंडारी ने पंचतत्व बैंड की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि बैंड ने गढ़वाली लोकसंगीत की आत्मा को मंच पर जीवंत कर दिया। उन्होंने श्रीनगर पहुंचने पर बैंड टीम के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
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श्रीनगर बैकुंठ चतुर्दशी मेले में पंचतत्व बैंड की धुनों पर झूमे दर्शक लोकसंगीत से बंधा समा
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। बैकुंठ चतुर्दशी मेले के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक संध्या में उत्तरकाशी के प्रसिद्ध पंचतत्व बैंड ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से आवास विकास मैदान में मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैंड के कलाकारों ने गढ़वाली और कुमाऊँनी गीतों की ऐसी प्रस्तुति दी कि पूरा मैदान लोकधुनों पर झूम उठा। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। इसके बाद गायक अनुराग नोटियाल,अरविंद चौहान और विकास पंचोला ने ताछुमा ताछुमा छुमा डिग तालो,ज्ञानसू लग्यूं घुनडुं बाँधियों राँसु नरु-बिजोला,सिल्की बांद,चेत की चेतवाली,सीमा पानी सी और तेरी माया मां जैसे लोकप्रिय गीतों से वातावरण को संगीतमय बना दिया। बैंड के साथ टीम प्रबंधक तरुण बिजल्वाण,कीबोर्ड पर रोहित और सोमेश,तबले पर शंकर,ढोलक पर अरुण,तथा अन्य वाद्य यंत्रों पर ऋषभ,सतेंद्र,इशान और कन्हैया ने उम्दा जुगलबंदी प्रस्तुत की। नगर निगम श्रीनगर की महापौर आरती भंडारी ने पंचतत्व बैंड की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि बैंड ने गढ़वाली लोकसंगीत की आत्मा को मंच पर जीवंत कर दिया। उन्होंने श्रीनगर पहुंचने पर बैंड टीम के प्रति आभार भी व्यक्त किया।