बैकुण्ठ चतुर्दशी मेले में राज्य निर्माण आंदोलन के पुरोधाओं का श्रीनगर में सम्मान याद किया संघर्ष और समर्पण का सफर
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।बैकुण्ठ चतुर्दशी मेले की छठवीं संध्या पर नगर निगम श्रीनगर की ओर से राज्य निर्माण आंदोलन में सक्रिय रहे शहर के आंदोलनकारियों का आवास विकास प्रदर्शनी मैदान में सम्मान किया गया। इस अवसर पर महापौर आरती भंडारी और पार्षदों ने आंदोलनकारियों को प्रतीक चिन्ह और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। महापौर आरती भंडारी ने कहा कि राज्य निर्माण में योगदान देने वाले आंदोलनकारी समाज के प्रेरणास्रोत हैं। उनके संघर्ष,त्याग और समर्पण से ही उत्तराखंड राज्य की नींव पड़ी है। उन्होंने कहा कि यह गौरवशाली इतिहास आने वाली पीढ़ियों को संघर्ष और एकता की सीख देता है। महापौर ने कहा कि बैकुण्ठ चतुर्दशी मेला केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं,बल्कि सामाजिक चेतना और सामूहिक भावना का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। निगम पार्षदों ने कहा कि राज्य निर्माण आंदोलन में सड़क से लेकर संसद तक आवाज बुलंद करने वाले आंदोलनकारी पहाड़ के सच्चे नायक हैं,जिनके संघर्ष से ही उत्तराखंड एक अलग राज्य के रूप में स्थापित हुआ है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक,जनप्रतिनिधि,अधिकारी और सांस्कृतिक दल मौजूद रहे। मंच से सम्मानित आंदोलनकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं से राज्य के विकास में भागीदारी निभाने की अपील की।
Spread the love
बैकुण्ठ चतुर्दशी मेले में राज्य निर्माण आंदोलन के पुरोधाओं का श्रीनगर में सम्मान याद किया संघर्ष और समर्पण का सफर
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।बैकुण्ठ चतुर्दशी मेले की छठवीं संध्या पर नगर निगम श्रीनगर की ओर से राज्य निर्माण आंदोलन में सक्रिय रहे शहर के आंदोलनकारियों का आवास विकास प्रदर्शनी मैदान में सम्मान किया गया। इस अवसर पर महापौर आरती भंडारी और पार्षदों ने आंदोलनकारियों को प्रतीक चिन्ह और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। महापौर आरती भंडारी ने कहा कि राज्य निर्माण में योगदान देने वाले आंदोलनकारी समाज के प्रेरणास्रोत हैं। उनके संघर्ष,त्याग और समर्पण से ही उत्तराखंड राज्य की नींव पड़ी है। उन्होंने कहा कि यह गौरवशाली इतिहास आने वाली पीढ़ियों को संघर्ष और एकता की सीख देता है। महापौर ने कहा कि बैकुण्ठ चतुर्दशी मेला केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं,बल्कि सामाजिक चेतना और सामूहिक भावना का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। निगम पार्षदों ने कहा कि राज्य निर्माण आंदोलन में सड़क से लेकर संसद तक आवाज बुलंद करने वाले आंदोलनकारी पहाड़ के सच्चे नायक हैं,जिनके संघर्ष से ही उत्तराखंड एक अलग राज्य के रूप में स्थापित हुआ है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक,जनप्रतिनिधि,अधिकारी और सांस्कृतिक दल मौजूद रहे। मंच से सम्मानित आंदोलनकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं से राज्य के विकास में भागीदारी निभाने की अपील की।