रुद्रप्रयाग में उन्नत मत्स्य पालन पर एकदिवसीय गोष्ठी आयोजित
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद केंद्रीय शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान भीमताल तथा मत्स्य विभाग,रुद्रप्रयाग के संयुक्त तत्वावधान में अनुसूचित जाति के प्रगतिशील मत्स्य पालकों हेतु एकदिवसीय गोष्ठी का आयोजन विकास भवन,रुद्रप्रयाग में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के मत्स्य पालकों को वैज्ञानिक तकनीकों,ट्राउट एवं कार्प मछली पालन की आधुनिक विधियों तथा उनसे होने वाले आर्थिक लाभों की जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत ने मत्स्य पालकों को संबोधित करते हुए कहा कि वैज्ञानिक पद्धतियों से मत्स्य पालन को अपनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं और किसानों को मत्स्य पालन से जुड़कर अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। केंद्रीय शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान द्वारा चयनित 20 लाभार्थियों को अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत मत्स्य चारा,आइस बॉक्स,हैंडनेट,जाल आदि उपयोगी सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम में रणजीत सिंह राणा जिला सहायक निबंधक;संस्थान से डॉ.रेनू जेठी,वरिष्ठ वैज्ञानिक;संतोष कुमार,मुख्य तकनीकी अधिकारी;विशाल दत्ता,असिस्टेंट प्रोफेसर,राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग;तथा जनपद मत्स्य अधिकारी मंजू भाकुनी,मत्स्य निरीक्षक गणेश अग्रवाल एवं अरविंद कुमार मौजूद रहे। गोष्ठी में प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर मत्स्य पालन संबंधी आधुनिक तकनीकों और योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के अंत में मत्स्य पालकों ने ऐसी गोष्ठियों को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए आभार व्यक्त किया।
Spread the love
रुद्रप्रयाग में उन्नत मत्स्य पालन पर एकदिवसीय गोष्ठी आयोजित
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद केंद्रीय शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान भीमताल तथा मत्स्य विभाग,रुद्रप्रयाग के संयुक्त तत्वावधान में अनुसूचित जाति के प्रगतिशील मत्स्य पालकों हेतु एकदिवसीय गोष्ठी का आयोजन विकास भवन,रुद्रप्रयाग में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के मत्स्य पालकों को वैज्ञानिक तकनीकों,ट्राउट एवं कार्प मछली पालन की आधुनिक विधियों तथा उनसे होने वाले आर्थिक लाभों की जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत ने मत्स्य पालकों को संबोधित करते हुए कहा कि वैज्ञानिक पद्धतियों से मत्स्य पालन को अपनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं और किसानों को मत्स्य पालन से जुड़कर अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। केंद्रीय शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान द्वारा चयनित 20 लाभार्थियों को अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत मत्स्य चारा,आइस बॉक्स,हैंडनेट,जाल आदि उपयोगी सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम में रणजीत सिंह राणा जिला सहायक निबंधक;संस्थान से डॉ.रेनू जेठी,वरिष्ठ वैज्ञानिक;संतोष कुमार,मुख्य तकनीकी अधिकारी;विशाल दत्ता,असिस्टेंट प्रोफेसर,राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग;तथा जनपद मत्स्य अधिकारी मंजू भाकुनी,मत्स्य निरीक्षक गणेश अग्रवाल एवं अरविंद कुमार मौजूद रहे। गोष्ठी में प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर मत्स्य पालन संबंधी आधुनिक तकनीकों और योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के अंत में मत्स्य पालकों ने ऐसी गोष्ठियों को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए आभार व्यक्त किया।