राजकीय इंटर कॉलेज जवाडी में बाल यौन शोषण रोकथाम विषय पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,नैनीताल के निर्देशन तथा अध्यक्ष,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जिला न्यायाधीश,रुद्रप्रयाग के मार्गदर्शन में सचिव,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग,पायल सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को राजकीय इण्टर कॉलेज,जवाडी में बाल यौन शोषण,दुर्व्यवहार और हिंसा की रोकथाम और उपचार के लिए विश्व दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य छात्रों,शिक्षकों और अभिभावकों को बच्चों के अधिकारों एवं बाल यौन शोषण,दुर्व्यवहार और हिंसा से सम्बंधित कानूनों की जानकारी उपलब्ध कराना तथा बच्चों की सुरक्षा हेतु आवश्यक सावधानियों एवं उपचारात्मक कदमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम के दौरान सचिव ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम,2012 सहित अन्य प्रावधानों और उनके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 18 नवम्बर को प्रतिवर्ष इस विशेष दिवस के रूप में संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित किया गया है,जिसका उद्देश्य बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा के मामलों को रोकना,पीड़ितों को न्याय एवं उपचार दिलाना,तथा समाज में व्यापक जागरूकता पैदा करना है एवं प्रत्येक व्यक्ति को सजग रहते हुए बच्चों के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की हिंसा,उत्पीड़न या शोषण के मामलों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल विधिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
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राजकीय इंटर कॉलेज जवाडी में बाल यौन शोषण रोकथाम विषय पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,नैनीताल के निर्देशन तथा अध्यक्ष,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जिला न्यायाधीश,रुद्रप्रयाग के मार्गदर्शन में सचिव,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग,पायल सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को राजकीय इण्टर कॉलेज,जवाडी में बाल यौन शोषण,दुर्व्यवहार और हिंसा की रोकथाम और उपचार के लिए विश्व दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य छात्रों,शिक्षकों और अभिभावकों को बच्चों के अधिकारों एवं बाल यौन शोषण,दुर्व्यवहार और हिंसा से सम्बंधित कानूनों की जानकारी उपलब्ध कराना तथा बच्चों की सुरक्षा हेतु आवश्यक सावधानियों एवं उपचारात्मक कदमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम के दौरान सचिव ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम,2012 सहित अन्य प्रावधानों और उनके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 18 नवम्बर को प्रतिवर्ष इस विशेष दिवस के रूप में संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित किया गया है,जिसका उद्देश्य बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा के मामलों को रोकना,पीड़ितों को न्याय एवं उपचार दिलाना,तथा समाज में व्यापक जागरूकता पैदा करना है एवं प्रत्येक व्यक्ति को सजग रहते हुए बच्चों के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की हिंसा,उत्पीड़न या शोषण के मामलों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल विधिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।