विश्व एड्स दिवस पर परसुंडाखाल में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जनता इंटर कॉलेज परसुंडाखाल में विश्व एड्स दिवस के अवसर पर विधिक जागरुकता एवं साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में छात्र छात्राओं व स्थानीय नागरिकों को एचआईवी/एड्स के संक्रमण के कारण,उसके फैलने के तरीके,रोकथाम के उपाय एवं संक्रमित व्यक्तियों से संवेदनशील व्यवहार अपनाने से जुड़ी जानकारी दी गयी। सोमवार को आयोजित शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नाज़िश कलीम ने बताया कि एड्स से संबंधित कई भ्रांतियाँ समाज में अब भी मौजूद हैं,जिन्हें विज्ञान और जागरुकता के माध्यम से दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एचआईवी/एड्स से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति के मौलिक अधिकार सुरक्षित हैं और उनके प्रति भेदभाव अस्वीकार्य है। उन्होंने समाज में सकारात्मक सोच और सहयोगपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की।इसके अलावा उन्होंने सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं,विधिक अधिकारों,निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं तथा नालसा हेल्पलाइन 15100 के माध्यम से सहायता प्राप्त करने की जानकारी भी दी। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से प्रश्न पूछकर विषय से संबंधित जानकारी प्राप्त की एवं जागरुकता संदेश को समाज तक पहुँचाने का संकल्प भी लिया।इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के डॉ.सुमित एवं डॉ.कंचन,जिला तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की समन्वयक श्वेता गुसाईं,असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल विनोद कुमार,विद्यालय की प्रधानाचार्या अंजू,अधिकार मित्र सावित्री देवी व मनोज पाल सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएँ व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
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विश्व एड्स दिवस पर परसुंडाखाल में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जनता इंटर कॉलेज परसुंडाखाल में विश्व एड्स दिवस के अवसर पर विधिक जागरुकता एवं साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में छात्र छात्राओं व स्थानीय नागरिकों को एचआईवी/एड्स के संक्रमण के कारण,उसके फैलने के तरीके,रोकथाम के उपाय एवं संक्रमित व्यक्तियों से संवेदनशील व्यवहार अपनाने से जुड़ी जानकारी दी गयी। सोमवार को आयोजित शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नाज़िश कलीम ने बताया कि एड्स से संबंधित कई भ्रांतियाँ समाज में अब भी मौजूद हैं,जिन्हें विज्ञान और जागरुकता के माध्यम से दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एचआईवी/एड्स से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति के मौलिक अधिकार सुरक्षित हैं और उनके प्रति भेदभाव अस्वीकार्य है। उन्होंने समाज में सकारात्मक सोच और सहयोगपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की।इसके अलावा उन्होंने सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं,विधिक अधिकारों,निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं तथा नालसा हेल्पलाइन 15100 के माध्यम से सहायता प्राप्त करने की जानकारी भी दी। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से प्रश्न पूछकर विषय से संबंधित जानकारी प्राप्त की एवं जागरुकता संदेश को समाज तक पहुँचाने का संकल्प भी लिया।इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के डॉ.सुमित एवं डॉ.कंचन,जिला तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की समन्वयक श्वेता गुसाईं,असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल विनोद कुमार,विद्यालय की प्रधानाचार्या अंजू,अधिकार मित्र सावित्री देवी व मनोज पाल सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएँ व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।