प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। कांवड़ मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए स्थापित टिहरी पुलिस के खोया-पाया केंद्र एक बार फिर अपनों से मिलन की उम्मीद बने। नीलकंठ महादेव मंदिर से दर्शन कर लौटते समय परिवार से बिछड़े दो नाबालिग बालकों को टिहरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल उनके परिजनों से मिलाकर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में संचालित कांवड़ मेला ड्यूटी के दौरान खोया-पाया केंद्रों के माध्यम से श्रद्धालुओं की सहायता लगातार की जा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के बहादुरपुर निवासी 16 वर्षीय और 14 वर्षीय दो नाबालिग बालक नीलकंठ महादेव मंदिर से दर्शन कर लौटते समय भीड़ में अपने परिवार से बिछड़ गए। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात टिहरी पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों बालकों को सुरक्षित संरक्षण में लिया और उनके परिजनों की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने सार्वजनिक उद्घोषणा सहित अन्य उपलब्ध माध्यमों का उपयोग कर बच्चों की माता से संपर्क स्थापित किया। आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों बालकों को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अपने बच्चों को सुरक्षित पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली और टिहरी पुलिस की त्वरित कार्रवाई संवेदनशील कार्यशैली तथा मानवीय व्यवहार की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए पूरी पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। टिहरी पुलिस ने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि मेले के दौरान अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखें। यदि कोई बच्चा अथवा व्यक्ति अपने परिजनों से बिछड़ जाए तो घबराने के बजाय तत्काल निकटतम पुलिस सहायता केंद्र या खोया-पाया केंद्र से संपर्क करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सहायता और सेवा के लिए टिहरी पुलिस हर समय तत्पर है।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। कांवड़ मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए स्थापित टिहरी पुलिस के खोया-पाया केंद्र एक बार फिर अपनों से मिलन की उम्मीद बने। नीलकंठ महादेव मंदिर से दर्शन कर लौटते समय परिवार से बिछड़े दो नाबालिग बालकों को टिहरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल उनके परिजनों से मिलाकर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में संचालित कांवड़ मेला ड्यूटी के दौरान खोया-पाया केंद्रों के माध्यम से श्रद्धालुओं की सहायता लगातार की जा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के बहादुरपुर निवासी 16 वर्षीय और 14 वर्षीय दो नाबालिग बालक नीलकंठ महादेव मंदिर से दर्शन कर लौटते समय भीड़ में अपने परिवार से बिछड़ गए। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात टिहरी पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों बालकों को सुरक्षित संरक्षण में लिया और उनके परिजनों की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने सार्वजनिक उद्घोषणा सहित अन्य उपलब्ध माध्यमों का उपयोग कर बच्चों की माता से संपर्क स्थापित किया। आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों बालकों को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अपने बच्चों को सुरक्षित पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली और टिहरी पुलिस की त्वरित कार्रवाई संवेदनशील कार्यशैली तथा मानवीय व्यवहार की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए पूरी पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। टिहरी पुलिस ने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि मेले के दौरान अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखें। यदि कोई बच्चा अथवा व्यक्ति अपने परिजनों से बिछड़ जाए तो घबराने के बजाय तत्काल निकटतम पुलिस सहायता केंद्र या खोया-पाया केंद्र से संपर्क करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सहायता और सेवा के लिए टिहरी पुलिस हर समय तत्पर है।