जिलाधिकारी ने कृषि और उद्यान योजनाओं की समीक्षा कर उत्पादन वृद्धि व किसानों की आय बढ़ाने पर दिए निर्देश
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में आज कृषि एवं उद्यान विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सम्बंधित विभागीय अधिकारियों को जनपद में उत्पादन बढ़ाने,किसानों की आय में वृद्धि करने तथा वर्तमान चुनौतियों का समाधान करने के लिए ठोस व प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्य कृषि अधिकारी को जंगली जानवरों,विशेषकर बंदर,लंगूर और जंगली सूअरों से फसल को होने वाले नुकसान को बचाने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय अपनाने और चैन लिंक फैंसिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि कृषि उपकरणों के वितरण में लाभार्थियों की पुनरावृत्ति न हो,तथा अधिक से अधिक किसानों को योजनाओं का लाभ मिले।उन्होंने सिंचाई के संसाधन को विकसित करने पर भी जोर दिया। जिलाधिकारी ने मुख्य कृषि अधिकारी एवं मुख्य उद्यान अधिकारी को वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत पर्वतीय गांवों में कृषि एवं उद्यानिकी गतिविधियों को मजबूत करने,तथा वहां के काश्तकारों को आधुनिक खेती तकनीकों का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जैविक खेती के व्यापक प्रचार-प्रसार,स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग एवं बाजार उपलब्धता सुनिश्चित करने,तथा कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में नवीन तकनीकों और मॉडलों को अपनाने पर विशेष बल दिया।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी,मुख्य कृषि अधिकारी जेपी तिवारी,मुख्य उद्यान अधिकारी नितेन्द्र सिंह,अर्थ एवं संख्या अधिकारी विनय जोशी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
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जिलाधिकारी ने कृषि और उद्यान योजनाओं की समीक्षा कर उत्पादन वृद्धि व किसानों की आय बढ़ाने पर दिए निर्देश
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में आज कृषि एवं उद्यान विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सम्बंधित विभागीय अधिकारियों को जनपद में उत्पादन बढ़ाने,किसानों की आय में वृद्धि करने तथा वर्तमान चुनौतियों का समाधान करने के लिए ठोस व प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्य कृषि अधिकारी को जंगली जानवरों,विशेषकर बंदर,लंगूर और जंगली सूअरों से फसल को होने वाले नुकसान को बचाने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय अपनाने और चैन लिंक फैंसिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि कृषि उपकरणों के वितरण में लाभार्थियों की पुनरावृत्ति न हो,तथा अधिक से अधिक किसानों को योजनाओं का लाभ मिले।उन्होंने सिंचाई के संसाधन को विकसित करने पर भी जोर दिया। जिलाधिकारी ने मुख्य कृषि अधिकारी एवं मुख्य उद्यान अधिकारी को वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत पर्वतीय गांवों में कृषि एवं उद्यानिकी गतिविधियों को मजबूत करने,तथा वहां के काश्तकारों को आधुनिक खेती तकनीकों का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जैविक खेती के व्यापक प्रचार-प्रसार,स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग एवं बाजार उपलब्धता सुनिश्चित करने,तथा कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में नवीन तकनीकों और मॉडलों को अपनाने पर विशेष बल दिया।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी,मुख्य कृषि अधिकारी जेपी तिवारी,मुख्य उद्यान अधिकारी नितेन्द्र सिंह,अर्थ एवं संख्या अधिकारी विनय जोशी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।