रुद्रप्रयाग की 29 महिलाएं बनीं बीसी सखी ग्रामीणों को घर द्वार पर मिलेंगी बैंकिंग सेवाएं
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान,आरसेटी रुद्रप्रयाग द्वारा आयोजित छह दिवसीय बैंक बीसी सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन गुरुवार को सफलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों की 29 महिलाओं ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस की ऑनलाइन परीक्षा उत्तीर्ण कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रशिक्षित बैंकिंग संवाददाता (बीसी सखी) उपलब्ध कराना है,ताकि ग्रामीण स्तर पर लोगों को बैंक से जुड़ी आवश्यक सेवाएं उनके घर-द्वार पर ही सुगमता से उपलब्ध हो सकें। कार्यक्रम के समन्वयक वीरेंद्र बत्र्वाल ने प्रशिक्षण की संपूर्ण गतिविधियों का संचालन किया एवं प्रशिक्षणार्थियों के व्यवहारिक ज्ञान में संवर्द्धन किया। समापन अवसर पर जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अनूप सिंह ने कहा कि बैंकिंग सेवाओं का दायरा तेजी से बढ़ रहा है,लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी कई लोग बैंक जाने से कतराते हैं। ऐसे में बीसी सखी ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।आरसेटी के पूर्व निदेशक किशन सिंह रावत तथा निदेशक अरुण कुमार ने प्रतिभागी महिलाओं को वित्तीय साक्षरता,डिजिटल लेन-देन,साइबर सुरक्षा और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण न केवल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देगा,बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं जागरूक बनाने में भी सहायक होगा। इसके अतिरिक्त उपासक से वित्त नंद किशोर थपलियाल ने प्रतिभागियों को एनआरएलएम,स्वयं सहायता समूह संरचना और उसके संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।प्रशिक्षण के उपरांत बीसी सखियों को ग्रामीणों के बैंक संबंधी कार्य जैसे खाता खोलना,नगद लेनदेन,एफडी,आरडी,प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना,जीवन ज्योति बीमा योजना,आधार-मोबाइल लिंकिंग आदि सेवाएं उपलब्ध कराने का दायित्व सौंपा जाएगा। इसके साथ ही वे ग्रामीणों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और सुरक्षित बैंकिंग के प्रति भी जागरूक करेंगी। कार्यक्रम में सफल हुई सभी 29 महिलाओं को अब जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएँ सुलभ कराने के लिए बीसी सखी के रूप में नियुक्त किया जाएगा। इस अवसर पर उपासक से नन्द किशोर थपलियाल,भूपेन्द्र सिंह,प्रवीन सिंह,संदीप पांडेय,संगीता देवी,अमित बिष्ट,नीलम देवी,अंजना देवी,साक्षी देवी,ज्योति देवी,दुर्गा देवी,पूजा देवी,सुमनलता,कुसुम देवी,अनीता देवी,मनीषा देवी,ममता देवी,लक्ष्मी देवी आदि प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
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रुद्रप्रयाग की 29 महिलाएं बनीं बीसी सखी ग्रामीणों को घर द्वार पर मिलेंगी बैंकिंग सेवाएं
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान,आरसेटी रुद्रप्रयाग द्वारा आयोजित छह दिवसीय बैंक बीसी सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन गुरुवार को सफलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों की 29 महिलाओं ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस की ऑनलाइन परीक्षा उत्तीर्ण कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रशिक्षित बैंकिंग संवाददाता (बीसी सखी) उपलब्ध कराना है,ताकि ग्रामीण स्तर पर लोगों को बैंक से जुड़ी आवश्यक सेवाएं उनके घर-द्वार पर ही सुगमता से उपलब्ध हो सकें। कार्यक्रम के समन्वयक वीरेंद्र बत्र्वाल ने प्रशिक्षण की संपूर्ण गतिविधियों का संचालन किया एवं प्रशिक्षणार्थियों के व्यवहारिक ज्ञान में संवर्द्धन किया। समापन अवसर पर जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अनूप सिंह ने कहा कि बैंकिंग सेवाओं का दायरा तेजी से बढ़ रहा है,लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी कई लोग बैंक जाने से कतराते हैं। ऐसे में बीसी सखी ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।आरसेटी के पूर्व निदेशक किशन सिंह रावत तथा निदेशक अरुण कुमार ने प्रतिभागी महिलाओं को वित्तीय साक्षरता,डिजिटल लेन-देन,साइबर सुरक्षा और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण न केवल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देगा,बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं जागरूक बनाने में भी सहायक होगा। इसके अतिरिक्त उपासक से वित्त नंद किशोर थपलियाल ने प्रतिभागियों को एनआरएलएम,स्वयं सहायता समूह संरचना और उसके संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।प्रशिक्षण के उपरांत बीसी सखियों को ग्रामीणों के बैंक संबंधी कार्य जैसे खाता खोलना,नगद लेनदेन,एफडी,आरडी,प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना,जीवन ज्योति बीमा योजना,आधार-मोबाइल लिंकिंग आदि सेवाएं उपलब्ध कराने का दायित्व सौंपा जाएगा। इसके साथ ही वे ग्रामीणों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और सुरक्षित बैंकिंग के प्रति भी जागरूक करेंगी। कार्यक्रम में सफल हुई सभी 29 महिलाओं को अब जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएँ सुलभ कराने के लिए बीसी सखी के रूप में नियुक्त किया जाएगा। इस अवसर पर उपासक से नन्द किशोर थपलियाल,भूपेन्द्र सिंह,प्रवीन सिंह,संदीप पांडेय,संगीता देवी,अमित बिष्ट,नीलम देवी,अंजना देवी,साक्षी देवी,ज्योति देवी,दुर्गा देवी,पूजा देवी,सुमनलता,कुसुम देवी,अनीता देवी,मनीषा देवी,ममता देवी,लक्ष्मी देवी आदि प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।