प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद चमोली के नन्दप्रयाग क्षेत्र में एक दिव्यांग पुत्र की मां को आवास तक पैदल मार्ग न होने की समस्या से जूझना पड़ रहा था। ग्राम मुनियाली निवासी प्रेमलता,जो तहसील कार्यालय में कार्यरत रह चुकी हैं और सेवानिवृत्त हो चुकी हैं,पति के निधन के बाद अकेले ही परिवार का दायित्व संभाल रही हैं। उनके आवास तक पहुंचने के लिए पैदल मार्ग का निर्माण नगर पंचायत द्वारा कराया जा रहा था,लेकिन पड़ोस के एक व्यक्ति द्वारा लगातार आपत्ति किए जाने से निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही थी। बार-बार रुकावट के कारण प्रेमलता मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान हो गईं।समस्या से व्यथित होकर वे अपनी पीड़ा लेकर पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के समक्ष पहुंचीं। पुलिस अधीक्षक ने पूरे प्रकरण को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना और दिव्यांग पुत्र की स्थिति तथा पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वरिष्ठ उपनिरीक्षक कोतवाली चमोली विजय प्रकाश को मौके पर भेजा गया। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति को शांतिपूर्वक सुलझाया गया और पैदल मार्ग खड़ंजा निर्माण कार्य को बिना किसी बाधा के पूरा कराया गया। जैसे ही घर के आंगन तक रास्ता बना,प्रेमलता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि आज महसूस हुआ कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था ही नहीं संभालती,बल्कि जरूरत पड़ने पर परिवार की तरह साथ भी खड़ी होती है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक चमोली और पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मानवीय दृष्टिकोण की सराहना की। चमोली पुलिस ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि वह जनहित और आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद चमोली के नन्दप्रयाग क्षेत्र में एक दिव्यांग पुत्र की मां को आवास तक पैदल मार्ग न होने की समस्या से जूझना पड़ रहा था। ग्राम मुनियाली निवासी प्रेमलता,जो तहसील कार्यालय में कार्यरत रह चुकी हैं और सेवानिवृत्त हो चुकी हैं,पति के निधन के बाद अकेले ही परिवार का दायित्व संभाल रही हैं। उनके आवास तक पहुंचने के लिए पैदल मार्ग का निर्माण नगर पंचायत द्वारा कराया जा रहा था,लेकिन पड़ोस के एक व्यक्ति द्वारा लगातार आपत्ति किए जाने से निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही थी। बार-बार रुकावट के कारण प्रेमलता मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान हो गईं।समस्या से व्यथित होकर वे अपनी पीड़ा लेकर पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के समक्ष पहुंचीं। पुलिस अधीक्षक ने पूरे प्रकरण को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना और दिव्यांग पुत्र की स्थिति तथा पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वरिष्ठ उपनिरीक्षक कोतवाली चमोली विजय प्रकाश को मौके पर भेजा गया। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति को शांतिपूर्वक सुलझाया गया और पैदल मार्ग खड़ंजा निर्माण कार्य को बिना किसी बाधा के पूरा कराया गया। जैसे ही घर के आंगन तक रास्ता बना,प्रेमलता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि आज महसूस हुआ कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था ही नहीं संभालती,बल्कि जरूरत पड़ने पर परिवार की तरह साथ भी खड़ी होती है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक चमोली और पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मानवीय दृष्टिकोण की सराहना की। चमोली पुलिस ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि वह जनहित और आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।