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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। एग्रीस्टैक योजना के अंतर्गत राज्य के समस्त किसानों को डिजिटल पहचान प्रदान करने के उद्देश्य से सोमवार को पौड़ी के प्रेक्षागृह में एक दिवसीय जनपद स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में मुख्य कृषि अधिकारी रुद्रप्रयाग लोकेंद्र बिष्ट,अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला एवं सहायक कृषि अधिकारी (सांख्यिकी) आरती मैठाणी ने प्रतिभागियों को विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया।मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि एग्रीस्टैक योजना के अंतर्गत प्रत्येक किसान को आधार संख्या से जुड़ी यूनिक डिजिटल आईडी प्रदान की जाएगी,जो किसान पहचान पत्र के रूप में कार्य करेगी। इस डिजिटल प्रोफाइल में किसान का व्यक्तिगत विवरण,कृषि भूमि का रिकॉर्ड, खसरा-खतौनी में हिस्सेदारी एवं बोई गई फसलों की संपूर्ण जानकारी दर्ज होगी। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी, समयबद्ध एवं सटीक रूप से मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि जनपद में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति द्वारा कार्ययोजना तैयार की जाएगी।जिलाधिकारी द्वारा फार्मर रजिस्ट्री की निगरानी हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे,जबकि तहसील स्तर पर तहसीलदार नोडल अधिकारी होंगे। अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला ने बताया कि किसानों का पंजीकरण वेब पोर्टल ukfr.agristack.gov.in/farmer-registry-uk एवं मोबाइल एप के माध्यम से किया जाएगा। फार्मर रजिस्ट्री हेतु आधार कार्ड,आधार से लिंक मोबाइल नंबर एवं भूमि से संबंधित दस्तावेज (खसरा-खतौनी/जमाबंदी) अनिवार्य होंगे। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री से कृषि योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग संभव होगी और किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा। कार्यशाला में कृषि रक्षा अधिकारी अरविंद भट्ट,जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी सहित कृषि,उद्यान,पशुपालन एवं राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

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