प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।राज्य सरकार की पहल पर जन-जन की सरकार,जन-जन के द्वार अभियान के तहत विकासखंड पाबौ की न्याय पंचायत पीपली में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया।शिविर की अध्यक्षता डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने की।शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गयी। डीएफओ गढ़वाल ने कहा कि ऐसे शिविर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं को गांव स्तर पर सुनकर उनका समाधान करना ही इस अभियान की मूल भावना है। डीएफओ ने यह भी कहा कि योजनाओं का लाभ तभी सार्थक है, जब वह अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। शिविर के दौरान डीएफओ ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण के साथ-साथ लोगों को योजनाओं के प्रति जागरूक भी किया जाए। ग्रामीणों ने शिविर को उपयोगी बताते हुए राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की। शिविर में कुल 29 शिकायतें दर्ज की गयीं,जिनमें से 12 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। वहीं 108 पात्र लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।स्वास्थ्य,समाज कल्याण,बाल विकास,वन,राजस्व,कृषि,उद्यान, आयुर्वेदिक एवं यूनानी सहित विभिन्न विभागों ने शिविर में स्टॉल लगाए। विभागीय अधिकारियों ने न केवल योजनाओं की जानकारी दी,बल्कि पात्र लोगों की औपचारिकताएं भी मौके पर पूरी की। इस अवसर पर ज्येष्ठ उप प्रमुख राजपाल गुसाईं,नोडल अधिकारी शिविर एवं अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई मुकेश दत्त,खंड विकास अधिकारी हरेंद्र कोली,एडीओ पंचायत मदन मोहन पहाड़ी,सहायक समाज कल्याण अधिकारी प्रिया उपाध्याय,डीपीओ संजीव काला सहित अन्य अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।राज्य सरकार की पहल पर जन-जन की सरकार,जन-जन के द्वार अभियान के तहत विकासखंड पाबौ की न्याय पंचायत पीपली में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया।शिविर की अध्यक्षता डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने की।शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गयी। डीएफओ गढ़वाल ने कहा कि ऐसे शिविर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं को गांव स्तर पर सुनकर उनका समाधान करना ही इस अभियान की मूल भावना है। डीएफओ ने यह भी कहा कि योजनाओं का लाभ तभी सार्थक है, जब वह अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। शिविर के दौरान डीएफओ ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण के साथ-साथ लोगों को योजनाओं के प्रति जागरूक भी किया जाए। ग्रामीणों ने शिविर को उपयोगी बताते हुए राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की। शिविर में कुल 29 शिकायतें दर्ज की गयीं,जिनमें से 12 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। वहीं 108 पात्र लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।स्वास्थ्य,समाज कल्याण,बाल विकास,वन,राजस्व,कृषि,उद्यान, आयुर्वेदिक एवं यूनानी सहित विभिन्न विभागों ने शिविर में स्टॉल लगाए। विभागीय अधिकारियों ने न केवल योजनाओं की जानकारी दी,बल्कि पात्र लोगों की औपचारिकताएं भी मौके पर पूरी की। इस अवसर पर ज्येष्ठ उप प्रमुख राजपाल गुसाईं,नोडल अधिकारी शिविर एवं अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई मुकेश दत्त,खंड विकास अधिकारी हरेंद्र कोली,एडीओ पंचायत मदन मोहन पहाड़ी,सहायक समाज कल्याण अधिकारी प्रिया उपाध्याय,डीपीओ संजीव काला सहित अन्य अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।