प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।राज्य मंत्री सुनील सैनी ने कहा कि जन-जन की सरकार,जन-जन के द्वार अभियान जनता और शासन के बीच की दूरी कम करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। इस अभियान के माध्यम से प्रशासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुँचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है। सेवा ही परमो धर्म की भावना के साथ कार्य किया जा रहा है,ताकि पंक्ति के अंतिम छोर में खड़े व्यक्ति तक सभी योजनाओं का लाभ पहुँच सके।इसी संकल्प के साथ सरकार कार्य कर रही है,जिससे जनता और शासन के बीच की दूरी कम हुई है। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 297 बहुउद्देशीय शिविर लगाए जा चुके हैं,जिनमें लगभग दो लाख दस हजार लोगों ने सहभागिता की है। यह धामी सरकार का एक सराहनीय प्रयास है,जिसका उद्देश्य लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके क्षेत्र में उपलब्ध कराना और जन समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित करना है। राज्य मंत्री ने कहा कि यह अभियान 45 दिनों तक राज्य के सभी 13 जनपदों में न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर बहुउद्देशीय शिविरों के माध्यम से चलाया जा रहा है। इस दौरान अभियान में लगभग 24,247 शिकायतें प्राप्त हुईं,जिनमें से करीब 17,000 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों ने भी अपनी समस्याएं प्रस्तुत कीं,जिनका प्रशासनिक अधिकारियों,भाजपा कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में तत्काल समाधान किया गया।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं कई स्थानों पर पहुँचकर इस अभियान का निरीक्षण किया और लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का मौके पर निस्तारण कराया। यह अभियान 31 जनवरी तक चलेगा और जनता की सेवा के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।राज्य मंत्री सुनील सैनी ने जन-जन की सरकार,जन-जन के द्वार अभियान के सफल संचालन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री उत्तराखंड की जनता के लिए पूर्ण रूप से समर्पित हैं और निरंतर राज्य के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि निश्चित रूप से उत्तराखंड पर्वतीय राज्यों में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।राज्य मंत्री सुनील सैनी ने कहा कि जन-जन की सरकार,जन-जन के द्वार अभियान जनता और शासन के बीच की दूरी कम करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। इस अभियान के माध्यम से प्रशासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुँचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है। सेवा ही परमो धर्म की भावना के साथ कार्य किया जा रहा है,ताकि पंक्ति के अंतिम छोर में खड़े व्यक्ति तक सभी योजनाओं का लाभ पहुँच सके।इसी संकल्प के साथ सरकार कार्य कर रही है,जिससे जनता और शासन के बीच की दूरी कम हुई है। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 297 बहुउद्देशीय शिविर लगाए जा चुके हैं,जिनमें लगभग दो लाख दस हजार लोगों ने सहभागिता की है। यह धामी सरकार का एक सराहनीय प्रयास है,जिसका उद्देश्य लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके क्षेत्र में उपलब्ध कराना और जन समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित करना है। राज्य मंत्री ने कहा कि यह अभियान 45 दिनों तक राज्य के सभी 13 जनपदों में न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर बहुउद्देशीय शिविरों के माध्यम से चलाया जा रहा है। इस दौरान अभियान में लगभग 24,247 शिकायतें प्राप्त हुईं,जिनमें से करीब 17,000 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों ने भी अपनी समस्याएं प्रस्तुत कीं,जिनका प्रशासनिक अधिकारियों,भाजपा कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में तत्काल समाधान किया गया।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं कई स्थानों पर पहुँचकर इस अभियान का निरीक्षण किया और लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का मौके पर निस्तारण कराया। यह अभियान 31 जनवरी तक चलेगा और जनता की सेवा के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।राज्य मंत्री सुनील सैनी ने जन-जन की सरकार,जन-जन के द्वार अभियान के सफल संचालन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री उत्तराखंड की जनता के लिए पूर्ण रूप से समर्पित हैं और निरंतर राज्य के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि निश्चित रूप से उत्तराखंड पर्वतीय राज्यों में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।