प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संचालित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जनपद रुद्रप्रयाग की सभी 27 न्याय पंचायतों में बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज 16 जनवरी, 2026 को राजकीय इंटर कॉलेज,गुप्तकाशी में बहुउद्देशीय शिविर/ प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। गुप्तकाशी में आयोजित इस शिविर की अध्यक्षता जिला विकास अधिकारी अनिता पंवार द्वारा की गई। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक सीधे पहुँचाना रहा।विभिन्न विभागों की सक्रिय सहभागिता बहुउद्देशीय शिविर में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण,कृषि,पशुपालन,डेयरी,मत्स्य,उद्योग, समाज कल्याण,पंचायती राज/ग्रामीण विकास,स्वास्थ्य विभाग (आयुष्मान आरोग्य शिविर),राजस्व विभाग,महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग सहित अनेक विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। इसके अतिरिक्त समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पंजीकरण,राशन कार्ड केवाईसी,एलपीजी केवाईसी जैसी सेवाएं भी मौके पर ही उपलब्ध कराई गईं। शिविर में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से तत्काल लाभान्वित किया गया। कई मामलों में आवेदन प्राप्त कर उनका मौके पर ही निस्तारण किया गया।जनसुनवाई में सामने आईं स्थानीय समस्याएं शिविर के दौरान आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीणों द्वारा कुल 49 समस्याएं अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की गईं। इनमें से 20 से अधिक समस्याओं का समाधान मौके पर ही कर दिया गया,जबकि शेष समस्याओं के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।ग्रामीणों द्वारा मानव-वन्यजीव संघर्ष,विद्युत आपूर्ति,पेयजल, सड़क,आवास,गौशालाओं, मुआवजा,सौर ऊर्जा सहित अन्य जनसमस्याएं प्रमुख रूप से उठाई गईं,जिन पर अधिकारियों द्वारा गंभीरता से संज्ञान लेते हुए कार्यवाही सुनिश्चित की गई।जिला प्रशासन द्वारा यह प्रयास किया जा रहा है कि जनपद के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुँचे तथा जनसमस्याओं का समाधान गांव स्तर पर ही सुनिश्चित किया जा सके।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संचालित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जनपद रुद्रप्रयाग की सभी 27 न्याय पंचायतों में बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज 16 जनवरी, 2026 को राजकीय इंटर कॉलेज,गुप्तकाशी में बहुउद्देशीय शिविर/ प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। गुप्तकाशी में आयोजित इस शिविर की अध्यक्षता जिला विकास अधिकारी अनिता पंवार द्वारा की गई। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक सीधे पहुँचाना रहा।विभिन्न विभागों की सक्रिय सहभागिता बहुउद्देशीय शिविर में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण,कृषि,पशुपालन,डेयरी,मत्स्य,उद्योग, समाज कल्याण,पंचायती राज/ग्रामीण विकास,स्वास्थ्य विभाग (आयुष्मान आरोग्य शिविर),राजस्व विभाग,महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग सहित अनेक विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। इसके अतिरिक्त समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पंजीकरण,राशन कार्ड केवाईसी,एलपीजी केवाईसी जैसी सेवाएं भी मौके पर ही उपलब्ध कराई गईं। शिविर में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से तत्काल लाभान्वित किया गया। कई मामलों में आवेदन प्राप्त कर उनका मौके पर ही निस्तारण किया गया।जनसुनवाई में सामने आईं स्थानीय समस्याएं शिविर के दौरान आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीणों द्वारा कुल 49 समस्याएं अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की गईं। इनमें से 20 से अधिक समस्याओं का समाधान मौके पर ही कर दिया गया,जबकि शेष समस्याओं के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।ग्रामीणों द्वारा मानव-वन्यजीव संघर्ष,विद्युत आपूर्ति,पेयजल, सड़क,आवास,गौशालाओं, मुआवजा,सौर ऊर्जा सहित अन्य जनसमस्याएं प्रमुख रूप से उठाई गईं,जिन पर अधिकारियों द्वारा गंभीरता से संज्ञान लेते हुए कार्यवाही सुनिश्चित की गई।जिला प्रशासन द्वारा यह प्रयास किया जा रहा है कि जनपद के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुँचे तथा जनसमस्याओं का समाधान गांव स्तर पर ही सुनिश्चित किया जा सके।