प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जन–जन की सरकार,जन–जन के द्वार अभियान के अंतर्गत विकासखंड जयहरीखाल के घेरुवा गांव में बहुउद्देश्यीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। कुल 567 लोगों ने शिविर में प्रतिभाग किया,जबकि 13 शिकायतें दर्ज की गयीं और 187 पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मौके पर दिया गया। शिविर की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी रेखा आर्य ने की। उन्होंने कहा कि सरकार की पहल पर अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंच रहा है। ऐसे शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और उनकी समस्याओं का समाधान गांव स्तर पर ही किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाय।शिविर में स्वास्थ्य विभाग,समाज कल्याण विभाग,बाल विकास विभाग,वन विभाग,राजस्व विभाग,आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग,पशुपालन,कृषि, उद्यान सहित कुल 23 विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के साथ-साथ योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी। ग्रामीणों ने शिविर में प्रमाण पत्र,पेंशन,स्वास्थ्य सेवाएं,कृषि एवं पशुपालन संबंधी जानकारी,महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं सहित अन्य सेवाओं का लाभ उठाया। इस अवसर पर उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के राज्यमंत्री वीरेंद्र दत्त सेमवाल,नोडल अधिकारी शिविर शशि भूषण लिंगवाल,खंड विकास अधिकारी रवि सैनी,सहायक खंड विकास अधिकारी धर्मेंद्र चौहान,एडीओ पंचायत अनूप भंडारी सहित अन्य अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जन–जन की सरकार,जन–जन के द्वार अभियान के अंतर्गत विकासखंड जयहरीखाल के घेरुवा गांव में बहुउद्देश्यीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। कुल 567 लोगों ने शिविर में प्रतिभाग किया,जबकि 13 शिकायतें दर्ज की गयीं और 187 पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मौके पर दिया गया। शिविर की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी रेखा आर्य ने की। उन्होंने कहा कि सरकार की पहल पर अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंच रहा है। ऐसे शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और उनकी समस्याओं का समाधान गांव स्तर पर ही किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाय।शिविर में स्वास्थ्य विभाग,समाज कल्याण विभाग,बाल विकास विभाग,वन विभाग,राजस्व विभाग,आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग,पशुपालन,कृषि, उद्यान सहित कुल 23 विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के साथ-साथ योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी। ग्रामीणों ने शिविर में प्रमाण पत्र,पेंशन,स्वास्थ्य सेवाएं,कृषि एवं पशुपालन संबंधी जानकारी,महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं सहित अन्य सेवाओं का लाभ उठाया। इस अवसर पर उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के राज्यमंत्री वीरेंद्र दत्त सेमवाल,नोडल अधिकारी शिविर शशि भूषण लिंगवाल,खंड विकास अधिकारी रवि सैनी,सहायक खंड विकास अधिकारी धर्मेंद्र चौहान,एडीओ पंचायत अनूप भंडारी सहित अन्य अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।