प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।जनपद रुद्रप्रयाग में महर्षि अगस्त्यमुनि महाराज की पारंपरिक देवरा यात्रा के दौरान सामने आए घटनाक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन ने कहा है कि डोली पर मुकदमा दर्ज होने से जुड़ी खबरें पूरी तरह भ्रामक और असत्य हैं तथा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने बताया कि हाल के दिनों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा धार्मिक परंपरा की आड़ में जानबूझकर अव्यवस्था फैलाने,हिंसा करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना सामने आई थी। इस दौरान क्रीड़ा भवन के मुख्य द्वार को क्षतिग्रस्त किया गया और राष्ट्रीय राजमार्ग 107 पर लगभग तीन से चार घंटे तक आवागमन बाधित रहा,जिससे स्थानीय लोगों,यात्रियों और पर्यटकों को परेशानी हुई।प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन धार्मिक आस्था और परंपराओं का पूरा सम्मान करता है तथा मंदिर समिति और श्रद्धालुओं के साथ समन्वय में कार्य कर रहा है।कार्रवाई केवल उन लोगों के विरुद्ध की गई है जिन्होंने हिंसा भड़काने,सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और यातायात बाधित करने का प्रयास किया।इसी क्रम में 16 जनवरी को अगस्त्यमुनि मंदिर समिति के अध्यक्ष और पंचकोटि के पंच पदान समेत 11 लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर घटनाक्रम पर चर्चा की। बातचीत के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि मंदिर समिति और जिला प्रशासन के बीच समन्वय बना हुआ है और मुनि महाराज की डोली निर्बाध रूप से देवरा यात्रा पूरी करेगी। प्रशासन ने बताया कि कुछ अराजक तत्वों द्वारा यह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि मुनि महाराज की डोली पर मुकदमा दर्ज किया गया है,जबकि ऐसा कोई मामला नहीं है। उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला ने कहा कि डोली पर किसी भी प्रकार का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परंपरागत मार्ग से हटकर क्रीड़ा मैदान के मुख्य गेट से डोली लाने और गेट को क्षतिग्रस्त करने की घटना अराजक तत्वों द्वारा की गई थी।मंदिर समिति और जिला प्रशासन के बीच निरंतर संवाद बना हुआ है और समिति प्रशासन के सहयोग से संतुष्ट है।उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी ने भी स्पष्ट किया कि डोली पर मुकदमे की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चारधाम यात्रा और केदारनाथ धाम यात्रा के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए शासन के पूर्व निर्देशों के तहत पहले से जारी है,जिसका इस घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है।जिला प्रशासन ने दोहराया कि जनपद में शांति,सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की हिंसा या अराजकता फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।जनपद रुद्रप्रयाग में महर्षि अगस्त्यमुनि महाराज की पारंपरिक देवरा यात्रा के दौरान सामने आए घटनाक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन ने कहा है कि डोली पर मुकदमा दर्ज होने से जुड़ी खबरें पूरी तरह भ्रामक और असत्य हैं तथा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने बताया कि हाल के दिनों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा धार्मिक परंपरा की आड़ में जानबूझकर अव्यवस्था फैलाने,हिंसा करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना सामने आई थी। इस दौरान क्रीड़ा भवन के मुख्य द्वार को क्षतिग्रस्त किया गया और राष्ट्रीय राजमार्ग 107 पर लगभग तीन से चार घंटे तक आवागमन बाधित रहा,जिससे स्थानीय लोगों,यात्रियों और पर्यटकों को परेशानी हुई।प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन धार्मिक आस्था और परंपराओं का पूरा सम्मान करता है तथा मंदिर समिति और श्रद्धालुओं के साथ समन्वय में कार्य कर रहा है।कार्रवाई केवल उन लोगों के विरुद्ध की गई है जिन्होंने हिंसा भड़काने,सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और यातायात बाधित करने का प्रयास किया।इसी क्रम में 16 जनवरी को अगस्त्यमुनि मंदिर समिति के अध्यक्ष और पंचकोटि के पंच पदान समेत 11 लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर घटनाक्रम पर चर्चा की। बातचीत के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि मंदिर समिति और जिला प्रशासन के बीच समन्वय बना हुआ है और मुनि महाराज की डोली निर्बाध रूप से देवरा यात्रा पूरी करेगी। प्रशासन ने बताया कि कुछ अराजक तत्वों द्वारा यह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि मुनि महाराज की डोली पर मुकदमा दर्ज किया गया है,जबकि ऐसा कोई मामला नहीं है। उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला ने कहा कि डोली पर किसी भी प्रकार का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परंपरागत मार्ग से हटकर क्रीड़ा मैदान के मुख्य गेट से डोली लाने और गेट को क्षतिग्रस्त करने की घटना अराजक तत्वों द्वारा की गई थी।मंदिर समिति और जिला प्रशासन के बीच निरंतर संवाद बना हुआ है और समिति प्रशासन के सहयोग से संतुष्ट है।उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी ने भी स्पष्ट किया कि डोली पर मुकदमे की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चारधाम यात्रा और केदारनाथ धाम यात्रा के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए शासन के पूर्व निर्देशों के तहत पहले से जारी है,जिसका इस घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है।जिला प्रशासन ने दोहराया कि जनपद में शांति,सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की हिंसा या अराजकता फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।