प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार 31 जनवरी 2026 भारत सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत महिला अधिकारों एवं समान नागरिक संहिता विषय पर ऋषिकुल आयुर्वेदिक महाविद्यालय के प्रेक्षागृह में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ सचिव जिला विधिक प्राधिकरण एवं सीनियर सिविल जज सिमरनजीत कौर तथा मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार डॉ.ललित नारायण मिश्रा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए सिमरनजीत कौर ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों,कानूनी संरक्षण एवं समान नागरिक संहिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं में विधिक जागरूकता बढ़ाना,उन्हें आत्मनिर्भर बनाना तथा सामाजिक समानता को सुदृढ़ करना है। उन्होंने बताया कि विधिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को न्यायालय में विचाराधीन मामलों में निःशुल्क कानूनी सहायता एवं सरकारी खर्च पर अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाते हैं। साथ ही विभिन्न अपराधों से संबंधित हेल्पलाइन की जानकारी दी गई और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क करने की अपील की गई। मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्रा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण शासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और समाज में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने महिलाओं और पुरुषों के समान अधिकारों की आवश्यकता पर बल देते हुए समानता और न्याय की भावना को मजबूत करने की बात कही।कार्यक्रम में साइबर सेल से उप निरीक्षक अनीता शर्मा,उप निरीक्षक प्रकाश चंद एवं योगेश कैथोला ने साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर ठगी प्रायः लालच,डर या जल्दबाजी का लाभ उठाकर की जाती है।अज्ञात कॉल या संदेशों के माध्यम से ओटीपी,बैंक विवरण,एटीएम पिन या यूपीआई जानकारी मांगना साइबर अपराध के सामान्य तरीके हैं।नागरिकों से अपील की गई कि वे किसी भी परिस्थिति में अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करें।स्वास्थ्य विभाग से डॉ. आरती ने महिलाओं एवं किशोरियों को संतुलित आहार के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने आयरन, कैल्शियम,प्रोटीन एवं विटामिन की कमी से होने वाली समस्याओं पर चर्चा करते हुए हरी सब्जियों,फल,दालें,दूध एवं मोटे अनाज को दैनिक आहार में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता पर भी जोर देते हुए बताया कि शीघ्र ही 14 वर्ष तक की बालिकाओं को वैक्सीन लगाए जाने की योजना है। हाईकोर्ट के अधिवक्ता ललित मिगलानी ने घरेलू हिंसा से संबंधित कानूनों की जानकारी देते हुए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता बताई। उन्होंने नशे के बढ़ते चलन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशे का कारोबार करना या उसमें संलिप्त होना कानूनी अपराध है।कार्यक्रम के अंत में जिला बाल विकास अधिकारी धर्मवीर सिंह ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन संतोष रावत द्वारा किया गया। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ थीम पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं मोनिका,यशिका सैनी,निर्मला,अनुष्का एवं प्रिया को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यशाला में सहायक परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल,अधिवक्ता ललित मिगलानी,रमन सैनी,विनीत चौधरी,योगिता सिंह,रेवती,सिद्धांत,मीनाक्षी सहित स्वयं सहायता समूह की महिलाएं,आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां,महिला प्रधान एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
