प्रदीप कुमार हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। राज्य मंत्री सुनील सैनी ने केंद्रीय बजट 2026–27 को युवा शक्ति संचालित और जनकल्याण पर आधारित बताते हुए कहा कि यह बजट गरीब,शोषित और वंचित समुदायों पर विशेष ध्यान देने के सरकार के संकल्प को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कर्तव्य भवन में तैयार किया गया यह पहला बजट है,जो तीन प्रमुख कर्तव्यों से प्रेरित है। राज्य मंत्री ने बताया कि बजट का पहला कर्तव्य देश की आर्थिक वृद्धि को तेज करना और उसे निरंतर बनाए रखना है। दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना तथा उनकी क्षमताओं का निर्माण करना है,ताकि वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। तीसरा कर्तव्य सबका साथ, सबका विकास के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने से जुड़ा है,जिससे समाज का कोई भी वर्ग पीछे न रह जाए। उन्होंने कहा कि बजट में सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं के लिए सुरक्षित कर सुविधा की सीमा को 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपये किया गया है, जिससे इस क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही अनुमान के आधार पर कर देने वाले सभी अप्रवासियों को न्यूनतम वैकल्पिक कर से छूट दिए जाने का प्रावधान किया गया है। सुनील सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत यह बजट विकसित भारत 2047 के संकल्प को गति देने वाला है। बजट में गरीब,किसान,महिला और युवा सहित समाज के हर वर्ग के सशक्तिकरण का स्पष्ट मार्ग प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि इस आम बजट में आर्थिक विकास,सामाजिक कल्याण,बुनियादी ढांचे के विस्तार और भविष्य की प्राथमिकताओं पर सरकार की दिशा साफ दिखाई देती है। यह बजट न केवल वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करता है,बल्कि भारत के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी रखता है। राज्य मंत्री ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को तेजी से आगे बढ़ाने वाले इस लोक कल्याणकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट देश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
