श्री श्याम पोर्टल-प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र एनआईसी चमोली की ओर से मंगलवार को 'सेफर इंटरनेट डे' के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम कार्यशाला आयोजित किया। इस दौरान विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग,साइबर सुरक्षा तथा डिजिटल जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने सहभागिता की। कार्यशाला का आयोजन स्मार्ट टैक,सेफ चॉइसेस-एक्सप्लोरिंग द सेफ एंड रिस्पॉन्सिबल यूस ऑफ एआई की थीम पर किया गया। इस अवसर पर विशेषज्ञों द्वारा इंटरनेट के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सुशीला ने फिशिंग वेबसाइट्स,ओटीपी/यूपीआई फ्रॉड,ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी,क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स से जुड़े जोखिम,फर्जी कॉल एवं ऑनलाइन स्कैम,एआई के दुरुपयोग एवं डीपफेक जैसी चुनौतियों,प्राइवेसी एवं डेटा सुरक्षा संबंधी विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। अतिरिक्त जिला सूचना विज्ञान अधिकारी विशेष चंद्र ने कार्यशाला में सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने हेतु महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने टू-वे ऑथेंटिकेशन का प्रयोग,संदिग्ध लिंक एवं क्यूआर कोड से सावधानी सार्वजनिक वाईफाई के उपयोग से बचाव समय-समय पर सॉफ्टवेयर एवं बैंकिंग ऐप अपडेट करना,साइबर हाइजीन कोर्स एवं ऑनलाइन सेफ्टी प्रशिक्षण लेना फैक्ट चेकिंग एवं डिजिटल सतर्कता को लेकर जानकारी दी। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों ने कहा कि एआई का सही उपयोग स्वास्थ्य शिक्षा सुरक्षा तथा कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक हो सकता है। लेकिन इसके दुरुपयोग से बचना अत्यंत आवश्यक है। साइबर अपराध की स्थिति में नागरिकों को cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने एवं 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की जानकारी भी दी गई। कार्यशाला में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश,ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजर जयवीर सिंह,विमल सिंह,प्रीति सती,अजय बिष्ट,विनय जोशी,शिवराज सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
Spread the love
श्री श्याम पोर्टल-प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र एनआईसी चमोली की ओर से मंगलवार को ‘सेफर इंटरनेट डे’ के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम कार्यशाला आयोजित किया। इस दौरान विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग,साइबर सुरक्षा तथा डिजिटल जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने सहभागिता की। कार्यशाला का आयोजन स्मार्ट टैक,सेफ चॉइसेस-एक्सप्लोरिंग द सेफ एंड रिस्पॉन्सिबल यूस ऑफ एआई की थीम पर किया गया। इस अवसर पर विशेषज्ञों द्वारा इंटरनेट के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सुशीला ने फिशिंग वेबसाइट्स,ओटीपी/यूपीआई फ्रॉड,ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी,क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स से जुड़े जोखिम,फर्जी कॉल एवं ऑनलाइन स्कैम,एआई के दुरुपयोग एवं डीपफेक जैसी चुनौतियों,प्राइवेसी एवं डेटा सुरक्षा संबंधी विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। अतिरिक्त जिला सूचना विज्ञान अधिकारी विशेष चंद्र ने कार्यशाला में सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने हेतु महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने टू-वे ऑथेंटिकेशन का प्रयोग,संदिग्ध लिंक एवं क्यूआर कोड से सावधानी सार्वजनिक वाईफाई के उपयोग से बचाव समय-समय पर सॉफ्टवेयर एवं बैंकिंग ऐप अपडेट करना,साइबर हाइजीन कोर्स एवं ऑनलाइन सेफ्टी प्रशिक्षण लेना फैक्ट चेकिंग एवं डिजिटल सतर्कता को लेकर जानकारी दी। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों ने कहा कि एआई का सही उपयोग स्वास्थ्य शिक्षा सुरक्षा तथा कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक हो सकता है। लेकिन इसके दुरुपयोग से बचना अत्यंत आवश्यक है। साइबर अपराध की स्थिति में नागरिकों को cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने एवं 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की जानकारी भी दी गई। कार्यशाला में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश,ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजर जयवीर सिंह,विमल सिंह,प्रीति सती,अजय बिष्ट,विनय जोशी,शिवराज सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।