श्री श्याम पोर्टल-प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में वनाग्नि की संभावित घटनाओं से प्रभावी और त्वरित ढंग से निपटने के उद्देश्य से बहु विभागीय संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देश पर प्रभागीय वनाधिकारी बद्रीनाथ वन प्रभाग सर्वेश कुमार दुबे के नेतृत्व में विभिन्न वन प्रभागों द्वारा व्यापक स्तर पर यह अभ्यास संपन्न हुआ। बद्रीनाथ वन प्रभाग द्वारा चमोली तहसील के समीप बद्रीनाथ राजमार्ग से सटे आरक्षित वन क्षेत्र में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। पुलिस मैदान में स्टेजिंग क्षेत्र स्थापित किया गया जहां से प्रातः 11 बजे सभी टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। निर्धारित परिदृश्य के अनुसार वन क्षेत्र में आग लगने की सूचना मिलते ही संबंधित विभागों को सतर्क कर त्वरित कार्रवाई प्रारंभ की गई। अभ्यास के दौरान सूचना तंत्र की सक्रियता और प्रतिक्रिया समय का परीक्षण फायर लाइन निर्माण नियंत्रित अग्निशमन तकनीकों का अभ्यास अग्निशमन उपकरणों जैसे फायर बीटर ब्लोअर और पानी के टैंकर का उपयोग घायलों के प्राथमिक उपचार और सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के मध्य कमान और नियंत्रण प्रणाली के समन्वय पर विशेष ध्यान दिया गया। इस मॉक ड्रिल में वन विभाग बद्रीनाथ वन प्रभाग के साथ पुलिस विभाग चमोली राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल अग्निशमन सेवा स्वास्थ्य विभाग जल संस्थान महिला मंगल दल नवयुवक मंगल दल वन पंचायत प्रतिनिधि क्षेत्रपाल ग्राम प्रधान खैनूरी और स्थानीय ग्रामीणों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इसी क्रम में केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग द्वारा गोपेश्वर वन पंचायत के कुंड कॉलोनी क्षेत्र में भी वनाग्नि मॉक ड्रिल आयोजित की गई। वन्यजीव क्षेत्र में आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाकर त्वरित नियंत्रण और विभागीय समन्वय का प्रदर्शन किया गया। अलकनंदा सिविल सोयम वन प्रभाग द्वारा रौली ग्वाड़ के समीप भी संयुक्त अभ्यास किया गया जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने समन्वित रूप से भाग लिया। पूरे कार्यक्रम के अंतर्गत दो टीमों का गठन किया गया। पहली टीम बद्रीनाथ वन प्रभाग क्षेत्र में और दूसरी टीम केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग तथा अलकनंदा सिविल सोयम वन प्रभाग क्षेत्र में सक्रिय रही। मॉक ड्रिल दोपहर 12:30 बजे सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य वनाग्नि की घटनाओं में त्वरित प्रतिक्रिया संसाधनों के प्रभावी उपयोग विभागीय तालमेल की मजबूती और स्थानीय समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करना था। अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को वन संरक्षण आग से बचाव के उपायों और समय पर सूचना देने के महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम की सफलता से स्पष्ट हुआ कि जनपद चमोली में वनाग्नि जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए सभी संबंधित विभाग सजग समन्वित और तैयार हैं। इस अवसर पर राजस्व पुलिस अग्निशमन सेवा चिकित्सा दल राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल वन विभाग वन पंचायत प्रतिनिधि और मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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श्री श्याम पोर्टल-प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में वनाग्नि की संभावित घटनाओं से प्रभावी और त्वरित ढंग से निपटने के उद्देश्य से बहु विभागीय संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देश पर प्रभागीय वनाधिकारी बद्रीनाथ वन प्रभाग सर्वेश कुमार दुबे के नेतृत्व में विभिन्न वन प्रभागों द्वारा व्यापक स्तर पर यह अभ्यास संपन्न हुआ। बद्रीनाथ वन प्रभाग द्वारा चमोली तहसील के समीप बद्रीनाथ राजमार्ग से सटे आरक्षित वन क्षेत्र में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। पुलिस मैदान में स्टेजिंग क्षेत्र स्थापित किया गया जहां से प्रातः 11 बजे सभी टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। निर्धारित परिदृश्य के अनुसार वन क्षेत्र में आग लगने की सूचना मिलते ही संबंधित विभागों को सतर्क कर त्वरित कार्रवाई प्रारंभ की गई। अभ्यास के दौरान सूचना तंत्र की सक्रियता और प्रतिक्रिया समय का परीक्षण फायर लाइन निर्माण नियंत्रित अग्निशमन तकनीकों का अभ्यास अग्निशमन उपकरणों जैसे फायर बीटर ब्लोअर और पानी के टैंकर का उपयोग घायलों के प्राथमिक उपचार और सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के मध्य कमान और नियंत्रण प्रणाली के समन्वय पर विशेष ध्यान दिया गया। इस मॉक ड्रिल में वन विभाग बद्रीनाथ वन प्रभाग के साथ पुलिस विभाग चमोली राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल अग्निशमन सेवा स्वास्थ्य विभाग जल संस्थान महिला मंगल दल नवयुवक मंगल दल वन पंचायत प्रतिनिधि क्षेत्रपाल ग्राम प्रधान खैनूरी और स्थानीय ग्रामीणों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इसी क्रम में केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग द्वारा गोपेश्वर वन पंचायत के कुंड कॉलोनी क्षेत्र में भी वनाग्नि मॉक ड्रिल आयोजित की गई। वन्यजीव क्षेत्र में आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाकर त्वरित नियंत्रण और विभागीय समन्वय का प्रदर्शन किया गया। अलकनंदा सिविल सोयम वन प्रभाग द्वारा रौली ग्वाड़ के समीप भी संयुक्त अभ्यास किया गया जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने समन्वित रूप से भाग लिया। पूरे कार्यक्रम के अंतर्गत दो टीमों का गठन किया गया। पहली टीम बद्रीनाथ वन प्रभाग क्षेत्र में और दूसरी टीम केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग तथा अलकनंदा सिविल सोयम वन प्रभाग क्षेत्र में सक्रिय रही। मॉक ड्रिल दोपहर 12:30 बजे सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य वनाग्नि की घटनाओं में त्वरित प्रतिक्रिया संसाधनों के प्रभावी उपयोग विभागीय तालमेल की मजबूती और स्थानीय समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करना था। अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को वन संरक्षण आग से बचाव के उपायों और समय पर सूचना देने के महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम की सफलता से स्पष्ट हुआ कि जनपद चमोली में वनाग्नि जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए सभी संबंधित विभाग सजग समन्वित और तैयार हैं। इस अवसर पर राजस्व पुलिस अग्निशमन सेवा चिकित्सा दल राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल वन विभाग वन पंचायत प्रतिनिधि और मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।