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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर नगर निगम ने आवारा श्वानों की बढ़ती संख्या और नागरिक सुरक्षा के मद्देनज़र पहाड़ का पहला सुव्यवस्थित और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित एबीसी एनिमल बर्थ कंट्रोल अभियान शुरू किया है। यह अभियान न केवल जनसंख्या नियंत्रण के लिए बल्कि पशु स्वास्थ्य संरक्षण और शहर की स्वच्छता के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। गौशाला के निकट स्थापित आधुनिक एबीसी सेंटर में पांच विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार ऑपरेशन और उपचार कार्य में लगी है। टीम में डॉ.महेश कुमार वर्मा सहित इसाबेल जवांग पीटर और होस शामिल हैं जिनमें चार विशेषज्ञ स्पेन से आए हैं। सभी चिकित्सक श्वान सर्जरी और संक्रमण रोगों के विशेषज्ञ हैं। अब तक लगभग 40 आवारा श्वानों का सफलतापूर्वक बंध्याकरण किया जा चुका है।ऑपरेशन के बाद श्वानों को तीन दिन तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाता है उसके बाद पूर्ण स्वस्थ होने पर उन्हें उसी स्थान पर छोड़ा जाता है जहां से उन्हें लाया गया था।
ट्यूमर और कैंसर का भी हो रहा उपचार
आस्था एनिमल हॉस्पिटल फाउंडेशन के संस्थापक रवि ने बताया कि यह केवल नसबंदी अभियान नहीं है बल्कि व्यापक स्वास्थ्य अभियान है। अब तक 4 श्वानों के ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाले जा चुके हैं जबकि 2 श्वानों का टीवीटी (Transmissible Venereal Tumor) कैंसर का इलाज किया गया है। इसके साथ ही एंटी-रेबीज टीकाकरण भी किया जा रहा है जिससे भविष्य में रेबीज संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके। एबीसी सेंटर की क्षमता 50 श्वानों की है और यह अभियान 15 दिनों तक चलाया जाएगा।
मेयर आरती भंडारी बोलीं मानवीय और वैज्ञानिक पहल शहर के लिए जरूरी कदम
महापौर आरती भंडारी ने एबीसी सेंटर का निरीक्षण करते हुए कहा कि श्रीनगर नगर निगम द्वारा शुरू किया गया यह अभियान शहर के लिए एक बड़ी और सकारात्मक पहल है। आवारा श्वान पशुओं का उपचार विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा पूरी तरह मानवीय और वैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा है। उनका उद्देश्य जनसंख्या नियंत्रण के साथ-साथ पशुओं का स्वास्थ्य संरक्षण और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मेयर ने सभी नागरिकों से अपील की कि अपने पालतू श्वान को लावारिस न छोड़ें और किसी क्षेत्र में आवारा श्वान दिखने पर नगर निगम की हेल्पलाइन 9870666323 पर सूचना दें।
श्रीनगर बना मिसाल
पहाड़ के शहरों में इस स्तर का संगठित एबीसी अभियान पहली बार संचालित किया जा रहा है।अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की भागीदारी आधुनिक सर्जिकल प्रक्रिया कैंसर उपचार और टीकाकरण जैसी सुविधाओं ने श्रीनगर को पशु कल्याण और शहरी प्रबंधन के क्षेत्र में नई पहचान दी है। नगर निगम का उद्देश्य जनसहयोग से शहर को सुरक्षित स्वच्छ और संतुलित बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल भविष्य में अन्य पहाड़ी नगर निकायों के लिए भी मार्गदर्शक साबित हो सकता है।

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