प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन अनुभाग उत्तराखंड शासन के आदेशों के अनुपालन में पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन को सख्ती से लागू करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अनाधिकृत प्लास्टिक की बिक्री और उपयोग पर जुर्माना लगाने संबंधी आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार प्लास्टिक अपशिष्ट को कूड़े में फेंकने तथा प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग या बिक्री करने वालों पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा।इसका उद्देश्य पर्यावरण को प्रदूषण से बचाना और जनहित में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। नगर क्षेत्रों में नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाने के लिए नगर आयुक्त स्थानीय निकायों के कार्यकारी अधिकारी अथवा उनके द्वारा नामित अधिकारी को अधिकृत किया गया है बशर्ते वह स्वच्छता पर्यवेक्षक के पद से नीचे का न हो। ग्रामीण क्षेत्रों में अनाधिकृत प्लास्टिक की बिक्री उपयोग तथा प्लास्टिक कचरे को खुले में फेंकने के मामलों में ग्राम पंचायत स्तर पर सचिव और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को अधिकृत किया गया है। वहीं विकास खंड स्तर पर क्षेत्र पंचायत के सचिव तथा सहायक विकास अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन अनुभाग उत्तराखंड शासन के आदेशों के अनुपालन में पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन को सख्ती से लागू करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अनाधिकृत प्लास्टिक की बिक्री और उपयोग पर जुर्माना लगाने संबंधी आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार प्लास्टिक अपशिष्ट को कूड़े में फेंकने तथा प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग या बिक्री करने वालों पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा।इसका उद्देश्य पर्यावरण को प्रदूषण से बचाना और जनहित में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। नगर क्षेत्रों में नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाने के लिए नगर आयुक्त स्थानीय निकायों के कार्यकारी अधिकारी अथवा उनके द्वारा नामित अधिकारी को अधिकृत किया गया है बशर्ते वह स्वच्छता पर्यवेक्षक के पद से नीचे का न हो। ग्रामीण क्षेत्रों में अनाधिकृत प्लास्टिक की बिक्री उपयोग तथा प्लास्टिक कचरे को खुले में फेंकने के मामलों में ग्राम पंचायत स्तर पर सचिव और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को अधिकृत किया गया है। वहीं विकास खंड स्तर पर क्षेत्र पंचायत के सचिव तथा सहायक विकास अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।