प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार जनपद में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के प्रयासों से जे एन सिन्हा मेमोरियल उप जिला चिकित्सालय रुड़की में 9 बेड का आधुनिक आपातकालीन ट्रॉमा सेंटर तैयार कर संचालन शुरू कर दिया गया है। यह कार्य सीएसआर के माध्यम से लगभग 20 लाख रुपये की लागत से कराया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जनपद के सभी चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ करने के लिए कार्य किया जा रहा है। उप जिला चिकित्सालय रुड़की के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया था कि आपातकालीन सेवाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इसके बाद ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की पहल की गई।नवनिर्मित ट्रॉमा सेंटर में आधुनिक तकनीक और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। यहां आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों का उपचार शुरू कर दिया गया है तथा गंभीर रूप से घायल और बीमार व्यक्तियों को त्वरित चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। इससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। निरीक्षण के दौरान सीएमएस को निर्देश दिए गए कि मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी को गुणवत्तापूर्ण सेवा उपलब्ध कराई जाए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.ए के मिश्रा ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में आपातकालीन उपचार की सुविधा शुरू हो चुकी है और इसका लाभ क्षेत्र की जनता को मिल रहा है। इस अवसर पर डॉ.रजत सैनी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य चिकित्सक और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार जनपद में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के प्रयासों से जे एन सिन्हा मेमोरियल उप जिला चिकित्सालय रुड़की में 9 बेड का आधुनिक आपातकालीन ट्रॉमा सेंटर तैयार कर संचालन शुरू कर दिया गया है। यह कार्य सीएसआर के माध्यम से लगभग 20 लाख रुपये की लागत से कराया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जनपद के सभी चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ करने के लिए कार्य किया जा रहा है। उप जिला चिकित्सालय रुड़की के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया था कि आपातकालीन सेवाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इसके बाद ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की पहल की गई।नवनिर्मित ट्रॉमा सेंटर में आधुनिक तकनीक और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। यहां आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों का उपचार शुरू कर दिया गया है तथा गंभीर रूप से घायल और बीमार व्यक्तियों को त्वरित चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। इससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। निरीक्षण के दौरान सीएमएस को निर्देश दिए गए कि मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी को गुणवत्तापूर्ण सेवा उपलब्ध कराई जाए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.ए के मिश्रा ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में आपातकालीन उपचार की सुविधा शुरू हो चुकी है और इसका लाभ क्षेत्र की जनता को मिल रहा है। इस अवसर पर डॉ.रजत सैनी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य चिकित्सक और कर्मचारी उपस्थित रहे।