प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान उत्तराखंड में 28 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर विज्ञान में महिलाएं विकसित भारत की उत्प्रेरक विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान की संस्थान नवाचार परिषद तथा अनुसंधान एवं परामर्श प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। कार्यक्रम के संरक्षक प्रो.के.के.शुक्ला निदेशक राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान उत्तराखंड रहे। मुख्य वक्ताओं के रूप में के.के.पंत निदेशक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की तथा टी.भास्कर निदेशक उन्नत पदार्थ एवं प्रक्रिया अनुसंधान संस्थान उपस्थित रहे। दोनों वक्ताओं ने विज्ञान प्रौद्योगिकी अभियंत्रण और गणित के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उनकी सक्रिय सहभागिता नवाचार सतत विकास और सामाजिक परिवर्तन की आधारशिला है। वक्ताओं ने छात्राओं को अनुसंधान नवाचार आधारित उद्यम स्टार्टअप तथा तकनीकी विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में लैंगिक समानता सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है जिससे देश की बौद्धिक क्षमता और अधिक सशक्त हो सके।कार्यक्रम के संयोजक डॉ.धर्मेंद्र त्रिपाठी अधिष्ठाता अनुसंधान एवं परामर्श रहे। समन्वयक के रूप में डॉ.पंकज पाल एवं डॉ.शशांक भट्टरा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी में छात्र-छात्राओं संकाय सदस्यों और शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को प्रोत्साहित करना तथा युवा पीढ़ी को शोध और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान हेतु प्रेरित करना रहा। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के इस अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में विज्ञान और महिला शक्ति की महत्ता को प्रभावी ढंग से रेखांकित करता है।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान उत्तराखंड में 28 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर विज्ञान में महिलाएं विकसित भारत की उत्प्रेरक विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान की संस्थान नवाचार परिषद तथा अनुसंधान एवं परामर्श प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। कार्यक्रम के संरक्षक प्रो.के.के.शुक्ला निदेशक राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान उत्तराखंड रहे। मुख्य वक्ताओं के रूप में के.के.पंत निदेशक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की तथा टी.भास्कर निदेशक उन्नत पदार्थ एवं प्रक्रिया अनुसंधान संस्थान उपस्थित रहे। दोनों वक्ताओं ने विज्ञान प्रौद्योगिकी अभियंत्रण और गणित के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उनकी सक्रिय सहभागिता नवाचार सतत विकास और सामाजिक परिवर्तन की आधारशिला है। वक्ताओं ने छात्राओं को अनुसंधान नवाचार आधारित उद्यम स्टार्टअप तथा तकनीकी विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में लैंगिक समानता सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है जिससे देश की बौद्धिक क्षमता और अधिक सशक्त हो सके।कार्यक्रम के संयोजक डॉ.धर्मेंद्र त्रिपाठी अधिष्ठाता अनुसंधान एवं परामर्श रहे। समन्वयक के रूप में डॉ.पंकज पाल एवं डॉ.शशांक भट्टरा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी में छात्र-छात्राओं संकाय सदस्यों और शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को प्रोत्साहित करना तथा युवा पीढ़ी को शोध और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान हेतु प्रेरित करना रहा। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के इस अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में विज्ञान और महिला शक्ति की महत्ता को प्रभावी ढंग से रेखांकित करता है।