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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार 8 मार्च। उत्तराखंड सरकार के 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम के दूसरे दिन बैरागी कैंप हरिद्वार में आयोजित प्रदर्शनी छात्र-छात्राओं और आमजन के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों के कुल 754 छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की। गौरतलब है कि 7 मार्च को आयोजित कार्यक्रम में भारत सरकार के गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ प्रतिभाग करते हुए विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया था। इस दौरान आयुष विभाग के स्टॉल को भी विशेष रूप से देखा गया। प्रदर्शनी हॉल में आयुष विभाग के स्टॉल का प्रतिनिधित्व अपर सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा डॉ.विजय कैलाश जोगदंडे तथा संयुक्त निदेशक डॉ.आर.पी.सिंह द्वारा किया गया। जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी हरिद्वार डॉ.स्वास्तिक जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि आयुष विभाग के स्टॉल पर सूचना शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों के माध्यम से विभाग की उपलब्धियों और सेवाओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। बड़ी संख्या में आमजन पर्यटक विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं तथा अन्य विभागों के अधिकारी स्टॉल पर पहुंचे और आयुष विभाग की पहलों की सराहना की। स्टॉल पर आयुष चिकित्सालयों द्वारा प्रदान की जाने वाली ओपीडी आईपीडी और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही पंचकर्म चिकित्सा की विभिन्न विधियों उनके लाभ और उपलब्धता के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई।उत्तराखंड में आयुर्वेद यूनानी होम्योपैथी और सिद्ध चिकित्सा से संबंधित शिक्षा संस्थानों और पाठ्यक्रमों की जानकारी भी लोगों को दी गई। इसके अलावा जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और अभियानों की जानकारी भी दी गई। ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से घर बैठे टेलीमेडिसिन सेवा के जरिए आयुष चिकित्सा परामर्श लेने के लाभों के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। स्टॉल पर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई जहां एक ही स्थान पर विभिन्न आयुष चिकित्सा पद्धतियों की सेवाएं प्रदान की जाती हैं। साथ ही राज्य में निर्माणाधीन नए आयुष अस्पतालों की प्रगति और उनसे होने वाले लाभों के बारे में भी जानकारी दी गई। स्टॉल पर लाइव योग प्रदर्शन भी आयोजित किया गया जिसकी आमजन द्वारा काफी सराहना की गई। लोग स्वयं योग आसनों में भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ का अनुभव कर रहे थे। इसके अतिरिक्त औषधीय पौधों का भी प्रदर्शन किया गया जिसमें उनके औषधीय गुणों और उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। स्टॉल का एक विशेष आकर्षण प्रकृति परीक्षण कियोस्क रहा जहां लोगों ने लाइव प्रकृति परीक्षण (प्रकृति निर्धारण) करवाया। यह गतिविधि लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रही। इसके साथ ही विभाग द्वारा अनुसंधान आधारित आयुर्वेदिक पत्रिकाओं और अन्य प्रकाशनों का भी प्रदर्शन किया गया तथा कई इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से लोगों को आयुष पद्धतियों के प्रति जागरूक किया गया।डॉ.स्वास्तिक जैन ने बताया कि विभाग का प्रयास है कि आयुष पद्धतियां हर घर तक पहुंचें ताकि लोग प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से स्वस्थ जीवन जी सकें।
प्रदर्शनी के माध्यम से विकास कार्यों की झलक
बैरागी कैंप में आयोजित प्रदर्शनी के माध्यम से उत्तराखंड सरकार द्वारा पिछले चार वर्षों में किए गए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को भी प्रदर्शित किया गया है। इसमें बुनियादी ढांचे के विकास सड़क और संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार शिक्षा क्षेत्र में सुधार निवेश प्रोत्साहन पर्यटन विकास धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को दर्शाया गया है।
नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी की सराहना
बैरागी कैंप में नूतन न्याय संहिता विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी को भी छात्र-छात्राओं और आमजन द्वारा काफी सराहा गया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य भारतीय न्याय संहिता भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनजागरूकता को बढ़ावा देना है। प्रदर्शनी में इन नई न्याय संहिताओं की प्रमुख विशेषताओं को सरल और इंटरैक्टिव माध्यमों से प्रस्तुत किया गया है। इसमें समयबद्ध जांच और चार्जशीट जीरो एफआईआर और ई-एफआईआर की व्यवस्था सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य फॉरेंसिक जांच इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की वैधता तथा महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के लिए सशक्त प्रावधानों को प्रमुखता से दर्शाया गया है।गौरतलब है कि भारतीय न्याय संहिता जैसे नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखंड देश में अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। यह प्रदर्शनी 9 मार्च तक जारी रहेगी।

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