प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। टिहरी 8 मार्च। द टिहरी लेक फेस्टिवल में रविवार को यह बेहद खास मौका था। एक तरफ झील के ऊपर पैराग्लाइडिंग करते सेना के जवान थे तो दूसरी तरफ जमीन से निहारती तमाम लोगों की निगाहें जो हर पल रोमांच का अनुभव कर रही थी। इन स्थितियों के बीच राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) का वो फौजी मन था जो अपने जवानों के हैरतअंगेज प्रदर्शन से रोमांचित होने के साथ ही गौरवान्वित भी था। जवानों ने आकाश में 12 हजार फीट की ऊंचाई से पैराग्लाइंडिंग करते हुए जैसे ही टिहरी झील में सुरक्षित लैंडिंग की वहां उपस्थित हर एक शख्स और भी उत्साहित हो उठा। सेना में लेफ्टिनेंट जनरल जैसे बडे़ ओहदे पर रहे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) ने बाद में जंपर्स से मुलाकात की और उनकी पीठ थपथपाई। मुख्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भी राज्यपाल ने कई बार सेना के इन जवानों का जिक्र किया और उन्हें बधाई दी।
टिहरी की स्मृतियों से जुड़ी प्रदर्शनी को देखा
राज्यपाल ने पुरानी टिहरी शहर की स्मृतियों को संजो कर रखने वाली प्रदर्शनी को भी देखा। इस प्रदर्शनी में विभिन्न मंदिरों के चित्र पारंपरिक वाद्ययंत्र राजा की पालकी सहित श्रीदेव सुमन जी को पहनाई गई बेड़ियां भी रखी गई हैं। राज्यपाल ने कोटी कालोनी में विभिन्न स्वयंसेवी समूहों के स्टाॅलों का भी निरीक्षण किया।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। टिहरी 8 मार्च। द टिहरी लेक फेस्टिवल में रविवार को यह बेहद खास मौका था। एक तरफ झील के ऊपर पैराग्लाइडिंग करते सेना के जवान थे तो दूसरी तरफ जमीन से निहारती तमाम लोगों की निगाहें जो हर पल रोमांच का अनुभव कर रही थी। इन स्थितियों के बीच राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) का वो फौजी मन था जो अपने जवानों के हैरतअंगेज प्रदर्शन से रोमांचित होने के साथ ही गौरवान्वित भी था। जवानों ने आकाश में 12 हजार फीट की ऊंचाई से पैराग्लाइंडिंग करते हुए जैसे ही टिहरी झील में सुरक्षित लैंडिंग की वहां उपस्थित हर एक शख्स और भी उत्साहित हो उठा। सेना में लेफ्टिनेंट जनरल जैसे बडे़ ओहदे पर रहे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) ने बाद में जंपर्स से मुलाकात की और उनकी पीठ थपथपाई। मुख्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भी राज्यपाल ने कई बार सेना के इन जवानों का जिक्र किया और उन्हें बधाई दी। टिहरी की स्मृतियों से जुड़ी प्रदर्शनी को देखा
राज्यपाल ने पुरानी टिहरी शहर की स्मृतियों को संजो कर रखने वाली प्रदर्शनी को भी देखा। इस प्रदर्शनी में विभिन्न मंदिरों के चित्र पारंपरिक वाद्ययंत्र राजा की पालकी सहित श्रीदेव सुमन जी को पहनाई गई बेड़ियां भी रखी गई हैं। राज्यपाल ने कोटी कालोनी में विभिन्न स्वयंसेवी समूहों के स्टाॅलों का भी निरीक्षण किया।