प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जिला सभागार रुद्रप्रयाग में डॉ.आर.एस.टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी नैनीताल द्वारा जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कुशल कार्य-संपादन हेतु वेतन निर्धारण से संबंधित जटिलताओं एवं बारीकियों पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अत्यंत आवश्यक होती हैं। इनके माध्यम से उन्हें अपने कार्यों से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं की बेहतर जानकारी मिलती है जिससे कार्य निष्पादन में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ती है। कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक वरिष्ठ कोषाधिकारी प्रशांत कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान आहरण-वितरण अधिकारियों तथा विभिन्न विभागों से आए लेखाकारों को विभिन्न परिस्थितियों में नियुक्ति पदोन्नति एसीपी (ACP) एमएसीपी (MACP) तथा नए वेतनमान के संदर्भ में वेतन निर्धारण से संबंधित नियमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से वेतन निर्धारण की प्रक्रियाओं और उससे जुड़ी व्यावहारिक जटिलताओं को भी समझाया। उपनिदेशक/कार्यक्रम अधिकारी उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी नैनीताल पूनम पाठक ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाएं प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आयोजित की जा रही हैं। रुद्रप्रयाग में भी तीन दिनों तक अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं जिनमें विषय विशेषज्ञ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभिन्न प्रशासनिक विषयों पर प्रशिक्षण दे रहे हैं। कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार खण्ड विकास अधिकारी अनुष्का सेवायोजन अधिकारी सुशील चमोली सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जिला सभागार रुद्रप्रयाग में डॉ.आर.एस.टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी नैनीताल द्वारा जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कुशल कार्य-संपादन हेतु वेतन निर्धारण से संबंधित जटिलताओं एवं बारीकियों पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अत्यंत आवश्यक होती हैं। इनके माध्यम से उन्हें अपने कार्यों से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं की बेहतर जानकारी मिलती है जिससे कार्य निष्पादन में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ती है। कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक वरिष्ठ कोषाधिकारी प्रशांत कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान आहरण-वितरण अधिकारियों तथा विभिन्न विभागों से आए लेखाकारों को विभिन्न परिस्थितियों में नियुक्ति पदोन्नति एसीपी (ACP) एमएसीपी (MACP) तथा नए वेतनमान के संदर्भ में वेतन निर्धारण से संबंधित नियमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से वेतन निर्धारण की प्रक्रियाओं और उससे जुड़ी व्यावहारिक जटिलताओं को भी समझाया। उपनिदेशक/कार्यक्रम अधिकारी उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी नैनीताल पूनम पाठक ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाएं प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आयोजित की जा रही हैं। रुद्रप्रयाग में भी तीन दिनों तक अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं जिनमें विषय विशेषज्ञ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभिन्न प्रशासनिक विषयों पर प्रशिक्षण दे रहे हैं। कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार खण्ड विकास अधिकारी अनुष्का सेवायोजन अधिकारी सुशील चमोली सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।