प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय महिला आयोग के निर्देशानुसार उत्तराखंड राज्य महिला आयोग के तत्वाधान में महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान और उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य महिला आयोग की सदस्या वत्सला सती और विजया रावत ने संयुक्त रूप से की। जनसुनवाई के दौरान महिलाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं जैसे शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न घरेलू हिंसा भूमि संबंधी विवाद और वैवाहिक विवाद सहित अन्य मामलों को गंभीरता से सुना गया। प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर वत्सला सती ने कहा कि इस प्रकार की जनसुनवाई का उद्देश्य महिलाओं को अपनी समस्याएं सीधे आयोग के समक्ष रखने का अवसर प्रदान करना और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि जनसुनवाई में चार लिखित शिकायतें प्राप्त हुईं जबकि कुछ समस्याएं मौखिक रूप से भी सामने आईं। इन सभी मामलों पर चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के जीवन में कई प्रकार के संघर्ष होते हैं इसलिए उनके मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना जरूरी है।राज्य महिला आयोग का प्रयास है कि प्रदेश की प्रत्येक पीड़ित महिला को समयबद्ध तरीके से न्याय मिल सके। इसके लिए सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पहाड़ की महिलाओं का जीवन विशेष रूप से संघर्षपूर्ण होता है इसलिए समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल के निर्देशानुसार महिला आयोग आपके द्वार कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जनपद में जनसुनवाई आयोजित की जा रही है ताकि महिलाओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही न्याय मिल सके। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा नोडल अधिकारी शैली प्रजापति पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर थाना अध्यक्ष रुद्रप्रयाग सुरेश चंद्र बलूनी वन स्टॉप सेंटर से रंजना गैरोला जिला बाल कल्याण समिति की सदस्यगण सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय महिला आयोग के निर्देशानुसार उत्तराखंड राज्य महिला आयोग के तत्वाधान में महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान और उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य महिला आयोग की सदस्या वत्सला सती और विजया रावत ने संयुक्त रूप से की। जनसुनवाई के दौरान महिलाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं जैसे शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न घरेलू हिंसा भूमि संबंधी विवाद और वैवाहिक विवाद सहित अन्य मामलों को गंभीरता से सुना गया। प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर वत्सला सती ने कहा कि इस प्रकार की जनसुनवाई का उद्देश्य महिलाओं को अपनी समस्याएं सीधे आयोग के समक्ष रखने का अवसर प्रदान करना और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि जनसुनवाई में चार लिखित शिकायतें प्राप्त हुईं जबकि कुछ समस्याएं मौखिक रूप से भी सामने आईं। इन सभी मामलों पर चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के जीवन में कई प्रकार के संघर्ष होते हैं इसलिए उनके मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना जरूरी है।राज्य महिला आयोग का प्रयास है कि प्रदेश की प्रत्येक पीड़ित महिला को समयबद्ध तरीके से न्याय मिल सके। इसके लिए सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पहाड़ की महिलाओं का जीवन विशेष रूप से संघर्षपूर्ण होता है इसलिए समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल के निर्देशानुसार महिला आयोग आपके द्वार कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जनपद में जनसुनवाई आयोजित की जा रही है ताकि महिलाओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही न्याय मिल सके। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा नोडल अधिकारी शैली प्रजापति पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर थाना अध्यक्ष रुद्रप्रयाग सुरेश चंद्र बलूनी वन स्टॉप सेंटर से रंजना गैरोला जिला बाल कल्याण समिति की सदस्यगण सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।