प्रदीप कुमार
भराड़ीसैंण-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। विधानसभा बजट सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए तैनात पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने ड्यूटी पर तैनात जिला पुलिस पीएसी एसडीआरएफ फायर अभिसूचना और आईआरबी के अधिकारियों व कर्मचारियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान पुलिस महानिदेशक ने विषम भौगोलिक परिस्थितियों में ड्यूटी कर रहे जवानों से उनकी चुनौतियों ड्यूटी से जुड़ी कठिनाइयों और व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली तथा आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया। उन्होंने कहा कि भराड़ीसैंण की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं और विधानसभा सत्र के दौरान प्रदर्शन जैसी स्थितियों के कारण सुरक्षा व्यवस्था और अधिक संवेदनशील हो जाती है। इसके बावजूद यहां तैनात पुलिसकर्मी पूरी तत्परता अनुशासन और प्रशिक्षण के साथ हर परिस्थिति का सामना कर रहे हैं जो सराहनीय है। उन्होंने बताया कि जब भी भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित होता है तब प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पुलिस बल यहां ड्यूटी के लिए आता है। ऐसे अवसर पुलिस मुख्यालय के लिए भी महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि इससे पुलिसकर्मियों से सीधे संवाद कर उनके रहने खाने-पीने की सुविधाओं ड्यूटी की व्यवस्थाओं तथा व्यक्तिगत समस्याओं के बारे में जानकारी मिलती है। संवाद के दौरान जवानों से ड्यूटी रहने-खाने की व्यवस्था और फील्ड डिप्लॉयमेंट से संबंधित महत्वपूर्ण फीडबैक भी लिया गया। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि ग्राउंड स्तर पर कार्य कर रहे पुलिसकर्मियों से सीधे सुझाव प्राप्त होने से भविष्य की कार्ययोजनाओं को और बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कई बार पुलिसकर्मियों की निजी पारिवारिक या पोस्टिंग से जुड़ी समस्याएं पुलिस मुख्यालय तक नहीं पहुंच पातीं लेकिन इस प्रकार के प्रत्यक्ष संवाद से उन मुद्दों को समझने और समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। संवाद के दौरान जवानों ने अपनी निजी पारिवारिक स्वास्थ्य और पोस्टिंग से संबंधित समस्याओं को भी पुलिस महानिदेशक के समक्ष रखा। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर इन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जवानों से यह भी जाना गया कि वे किन-किन क्षेत्रों में दक्ष हैं और भविष्य में अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए कौन-कौन से विशेष प्रशिक्षण या कोर्स करना चाहते हैं। पुलिस महानिदेशक ने पुलिसकर्मियों को अपनी क्षमताओं को और निखारने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर ऐसे सुझावों और प्रशिक्षण आवश्यकताओं पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा।
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प्रदीप कुमार
भराड़ीसैंण-चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। विधानसभा बजट सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए तैनात पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने ड्यूटी पर तैनात जिला पुलिस पीएसी एसडीआरएफ फायर अभिसूचना और आईआरबी के अधिकारियों व कर्मचारियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान पुलिस महानिदेशक ने विषम भौगोलिक परिस्थितियों में ड्यूटी कर रहे जवानों से उनकी चुनौतियों ड्यूटी से जुड़ी कठिनाइयों और व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली तथा आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया। उन्होंने कहा कि भराड़ीसैंण की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं और विधानसभा सत्र के दौरान प्रदर्शन जैसी स्थितियों के कारण सुरक्षा व्यवस्था और अधिक संवेदनशील हो जाती है। इसके बावजूद यहां तैनात पुलिसकर्मी पूरी तत्परता अनुशासन और प्रशिक्षण के साथ हर परिस्थिति का सामना कर रहे हैं जो सराहनीय है। उन्होंने बताया कि जब भी भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित होता है तब प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पुलिस बल यहां ड्यूटी के लिए आता है। ऐसे अवसर पुलिस मुख्यालय के लिए भी महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि इससे पुलिसकर्मियों से सीधे संवाद कर उनके रहने खाने-पीने की सुविधाओं ड्यूटी की व्यवस्थाओं तथा व्यक्तिगत समस्याओं के बारे में जानकारी मिलती है। संवाद के दौरान जवानों से ड्यूटी रहने-खाने की व्यवस्था और फील्ड डिप्लॉयमेंट से संबंधित महत्वपूर्ण फीडबैक भी लिया गया। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि ग्राउंड स्तर पर कार्य कर रहे पुलिसकर्मियों से सीधे सुझाव प्राप्त होने से भविष्य की कार्ययोजनाओं को और बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कई बार पुलिसकर्मियों की निजी पारिवारिक या पोस्टिंग से जुड़ी समस्याएं पुलिस मुख्यालय तक नहीं पहुंच पातीं लेकिन इस प्रकार के प्रत्यक्ष संवाद से उन मुद्दों को समझने और समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। संवाद के दौरान जवानों ने अपनी निजी पारिवारिक स्वास्थ्य और पोस्टिंग से संबंधित समस्याओं को भी पुलिस महानिदेशक के समक्ष रखा। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर इन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जवानों से यह भी जाना गया कि वे किन-किन क्षेत्रों में दक्ष हैं और भविष्य में अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए कौन-कौन से विशेष प्रशिक्षण या कोर्स करना चाहते हैं। पुलिस महानिदेशक ने पुलिसकर्मियों को अपनी क्षमताओं को और निखारने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर ऐसे सुझावों और प्रशिक्षण आवश्यकताओं पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा।