प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के बेस चिकित्सालय में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन एबीडीएम के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण सत्र का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉक्टरों नर्सिंग अधिकारियों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को आधुनिक डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। यह कार्यक्रम प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत की पहल एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया गया जिसका उद्देश्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को गति देना है। कार्यक्रम का आयोजन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रबंधक प्रज्ञा पालीवाल ने प्रतिभागियों को एबीएचए आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट एचपीआर हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन एचएफआर हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन तथा एचएमआई एस हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराया। प्रशिक्षण के दौरान प्रज्ञा पालीवाल ने बताया कि वर्तमान में मिशन के अंतर्गत 83 लाख से अधिक हेल्थ रिकॉर्ड लिंकेज 70 लाख से ज्यादा एबीएचए आईडी और लगभग 10 हजार हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। साथ ही बड़ी संख्या में चिकित्सा इकाइयां भी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण तेजी से आगे बढ़ रहा है जिससे मरीजों को बेहतर सुरक्षित और त्वरित सेवाएं मिल रही हैं। उन्होंने एबीडीएम के तकनीकी पहलुओं क्रियान्वयन प्रक्रिया और स्वास्थ्य क्षेत्र में इसके बढ़ते महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एबीएचए आईडी के माध्यम से मरीजों का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहता है जिससे इलाज में पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ती हैं। इस मौके पर प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को अपनाने से मरीजों को तेज सटीक और पारदर्शी चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी। यह समय की आवश्यकता है कि सभी स्वास्थ्य कर्मी नई तकनीकों को अपनाएं और उन्हें अपने दैनिक कार्यों में शामिल करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में मील का पत्थर साबित होंगे। कार्यशाला में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़े रमेश नेगी नवीन चमोली नवीन शुक्ला अमृत पोखरियाल प्रणव शर्मा सहित कई विशेषज्ञ मौजूद रहे। इसके अलावा बेस चिकित्सालय के डिप्टी एमएस डॉ.दीपा हटवाल संजय पांडे सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर और नर्सिंग अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के बेस चिकित्सालय में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन एबीडीएम के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण सत्र का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉक्टरों नर्सिंग अधिकारियों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को आधुनिक डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। यह कार्यक्रम प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत की पहल एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया गया जिसका उद्देश्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को गति देना है। कार्यक्रम का आयोजन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रबंधक प्रज्ञा पालीवाल ने प्रतिभागियों को एबीएचए आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट एचपीआर हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन एचएफआर हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन तथा एचएमआई एस हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराया। प्रशिक्षण के दौरान प्रज्ञा पालीवाल ने बताया कि वर्तमान में मिशन के अंतर्गत 83 लाख से अधिक हेल्थ रिकॉर्ड लिंकेज 70 लाख से ज्यादा एबीएचए आईडी और लगभग 10 हजार हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। साथ ही बड़ी संख्या में चिकित्सा इकाइयां भी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण तेजी से आगे बढ़ रहा है जिससे मरीजों को बेहतर सुरक्षित और त्वरित सेवाएं मिल रही हैं। उन्होंने एबीडीएम के तकनीकी पहलुओं क्रियान्वयन प्रक्रिया और स्वास्थ्य क्षेत्र में इसके बढ़ते महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एबीएचए आईडी के माध्यम से मरीजों का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहता है जिससे इलाज में पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ती हैं। इस मौके पर प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को अपनाने से मरीजों को तेज सटीक और पारदर्शी चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी। यह समय की आवश्यकता है कि सभी स्वास्थ्य कर्मी नई तकनीकों को अपनाएं और उन्हें अपने दैनिक कार्यों में शामिल करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में मील का पत्थर साबित होंगे। कार्यशाला में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़े रमेश नेगी नवीन चमोली नवीन शुक्ला अमृत पोखरियाल प्रणव शर्मा सहित कई विशेषज्ञ मौजूद रहे। इसके अलावा बेस चिकित्सालय के डिप्टी एमएस डॉ.दीपा हटवाल संजय पांडे सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर और नर्सिंग अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।