प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय नाट्य समारोह के दूसरे दिन शनिवार को गिरीश कर्नाड द्वारा लिखित नाटक हयवदन का मंचन केन्द्र प्रेक्षागृह में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आर.पी.शुक्ला उपाध्यक्ष सेवा भारती प्रयागराज उपनिदेशक (कार्यक्रम) डॉ.मुकेश उपाध्याय तथा कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय ने दीप प्रज्वलित कर किया। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र के एम.ए.रंगमंच एवं डिप्लोमा के विद्यार्थियों द्वारा दी गई प्रस्तुति में कलाकारों ने अत्यंत सशक्त और प्रभावशाली अभिनय किया। नाटक का निर्देशन महेन्द्र सिंह ने किया जो वर्तमान में विभाग में सहायक निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। यह प्रस्तुति इतनी जीवंत और प्रभावशाली रही कि दर्शक अंत तक उससे जुड़े रहे और नाटक के मूल भाव और संवेदना को अभिव्यक्त करने के लिए रंगकर्मियों की दर्शकों द्वारा खूब सराहना की गई। इस अवसर पर केंद्र के निदेशक गणेश खुगशाल गणी डॉ.संजय पांडे आदि मौजूद
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय नाट्य समारोह के दूसरे दिन शनिवार को गिरीश कर्नाड द्वारा लिखित नाटक हयवदन का मंचन केन्द्र प्रेक्षागृह में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आर.पी.शुक्ला उपाध्यक्ष सेवा भारती प्रयागराज उपनिदेशक (कार्यक्रम) डॉ.मुकेश उपाध्याय तथा कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय ने दीप प्रज्वलित कर किया। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र के एम.ए.रंगमंच एवं डिप्लोमा के विद्यार्थियों द्वारा दी गई प्रस्तुति में कलाकारों ने अत्यंत सशक्त और प्रभावशाली अभिनय किया। नाटक का निर्देशन महेन्द्र सिंह ने किया जो वर्तमान में विभाग में सहायक निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। यह प्रस्तुति इतनी जीवंत और प्रभावशाली रही कि दर्शक अंत तक उससे जुड़े रहे और नाटक के मूल भाव और संवेदना को अभिव्यक्त करने के लिए रंगकर्मियों की दर्शकों द्वारा खूब सराहना की गई। इस अवसर पर केंद्र के निदेशक गणेश खुगशाल गणी डॉ.संजय पांडे आदि मौजूद