प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। साइबर ठगी के मामलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए पौड़ी पुलिस ने लाखों की धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय आरोपी को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी द्वारा विदेशी मुद्रा को कस्टम विभाग से छुड़ाने के नाम पर ठगी की गई थी। मामले के अनुसार 22 नवंबर 2025 को वी पी थपलियाल निवासी श्रीनगर ने कोतवाली श्रीनगर में शिकायत दी थी कि अज्ञात व्यक्ति ने विदेशी मुद्रा छुड़ाने के नाम पर उनसे 5.15 लाख रुपये की साइबर ठगी की। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर धोखाधड़ी के इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर और क्षेत्राधिकारी श्रीनगर अनुज कुमार के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस टीम ने बैंक डिटेल मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक संदिग्ध खाताधारक राजेंद्र शिरसाट निवासी थाणे महाराष्ट्र की पहचान की जिसके खाते में ठगी की धनराशि ट्रांसफर की गई थी। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम पुणे रवाना की गई। पुणे पहुंचने पर प्रारंभिक दबिश के दौरान आरोपी अपने पते पर नहीं मिला। इसके बाद पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए आरोपी से संबंधित अन्य जानकारियां बैंकिंग अभिलेख और साक्ष्य एकत्र किए। जांच में यह सामने आया कि आरोपी अलग-अलग स्थानों पर रहकर पहचान छिपाता था और एक जगह लंबे समय तक नहीं रुकता था। लगातार प्रयास और सूचना तंत्र की मदद से पुलिस टीम ने आरोपी को उसके वर्तमान ठिकाने मयूर दर्शन ग्राउंड फ्लोर पुणे से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने बैंक खाते में 4,09,250 रुपये की धनराशि प्राप्त होने और उसका उपयोग करने की बात स्वीकार की। गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र शिरसाट (उम्र 24 वर्ष) को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी रोहित रमेश सुतार निवासी चिंचवड़ पुणे के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस टीम में शामिल सदस्य अपर उपनिरीक्षक बीरेन्द्र बृजवाल मुख्य आरक्षी हर्षवर्धन राणा और आरक्षी गौरव साइबर सेल श्रीनगर शामिल रहे।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। साइबर ठगी के मामलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए पौड़ी पुलिस ने लाखों की धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय आरोपी को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी द्वारा विदेशी मुद्रा को कस्टम विभाग से छुड़ाने के नाम पर ठगी की गई थी। मामले के अनुसार 22 नवंबर 2025 को वी पी थपलियाल निवासी श्रीनगर ने कोतवाली श्रीनगर में शिकायत दी थी कि अज्ञात व्यक्ति ने विदेशी मुद्रा छुड़ाने के नाम पर उनसे 5.15 लाख रुपये की साइबर ठगी की। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर धोखाधड़ी के इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर और क्षेत्राधिकारी श्रीनगर अनुज कुमार के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस टीम ने बैंक डिटेल मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक संदिग्ध खाताधारक राजेंद्र शिरसाट निवासी थाणे महाराष्ट्र की पहचान की जिसके खाते में ठगी की धनराशि ट्रांसफर की गई थी। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम पुणे रवाना की गई। पुणे पहुंचने पर प्रारंभिक दबिश के दौरान आरोपी अपने पते पर नहीं मिला। इसके बाद पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए आरोपी से संबंधित अन्य जानकारियां बैंकिंग अभिलेख और साक्ष्य एकत्र किए। जांच में यह सामने आया कि आरोपी अलग-अलग स्थानों पर रहकर पहचान छिपाता था और एक जगह लंबे समय तक नहीं रुकता था। लगातार प्रयास और सूचना तंत्र की मदद से पुलिस टीम ने आरोपी को उसके वर्तमान ठिकाने मयूर दर्शन ग्राउंड फ्लोर पुणे से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने बैंक खाते में 4,09,250 रुपये की धनराशि प्राप्त होने और उसका उपयोग करने की बात स्वीकार की। गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र शिरसाट (उम्र 24 वर्ष) को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी रोहित रमेश सुतार निवासी चिंचवड़ पुणे के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस टीम में शामिल सदस्य अपर उपनिरीक्षक बीरेन्द्र बृजवाल मुख्य आरक्षी हर्षवर्धन राणा और आरक्षी गौरव साइबर सेल श्रीनगर शामिल रहे।