प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति की सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राष्ट्र सेविका समिति द्वारा रुद्रप्रयाग एवं पौड़ी गढ़वाल जिलों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय प्रारंभिक शिक्षा वर्ग का सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह प्रशिक्षण वर्ग सरस्वती शिशु मंदिर श्रीनगर गढ़वाल के परिसर में शनिवार से प्रारंभ हुआ था जिसमें कुल 45 प्रशिक्षार्थी बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।प्रशिक्षण वर्ग के दौरान बहनों को शारीरिक मानसिक एवं बौद्धिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें यष्टि योग दंड प्रहार खेलकूद सहित अनेक शारीरिक अभ्यास कराए गए। वहीं बौद्धिक सत्रों के माध्यम से राष्ट्र, समाज और संस्कृति से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य शिक्षिका के रूप में आरुषि राणा ने महत्वपूर्ण दायित्व निभाया। वर्ग अधिकारी के रूप में कमला गोसाईं तथा वर्ग कार्यवाहिका के रूप में कृष्णा भट्ट ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। समापन अवसर पर अंतिम सत्र में गढ़वाल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मोहन पवार ने अपना बौद्धिक प्रस्तुत किया। वर्ग कार्यवाहिका कृष्णा भट्ट ने बताया कि प्रारंभिक शिक्षा वर्ग का उद्देश्य सेविकाओं में आत्मविश्वास अनुशासन सेवा भावना और राष्ट्रभक्ति का विकास करना है ताकि वे समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि वर्ग के दौरान योग व्यायाम चिंतन-चर्चा आचार पद्धति और बौद्धिक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया गया। मुख्य शिक्षिका आरुषि राणा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि चार दिनों के इस प्रशिक्षण वर्ग में सभी बहनों में अत्यधिक उत्साह और समर्पण देखने को मिला। उन्होंने यह भी बताया कि कई प्रशिक्षार्थियों ने आगामी 15 दिवसीय उन्नत वर्ग में भाग लेने की इच्छा जताई जो उनके सीखने के प्रति गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस चार दिवसीय वर्ग ने प्रतिभागियों के भीतर अनुशासन संगठनात्मक भावना आत्मबल और राष्ट्रभक्ति को और अधिक सुदृढ़ किया। राष्ट्र सेविका समिति द्वारा इस प्रकार के प्रशिक्षण वर्ग समय-समय पर उत्तराखंड सहित पूरे देश में आयोजित किए जाते हैं जिनका उद्देश्य नारी शक्ति को संस्कारित सशक्त और जागरूक बनाना है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में भोजन व्यवस्था के लिए उपेंद्र राकेश एवं उषा का विशेष सहयोग रहा। सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य गोविंद सिंह एवं विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य मुकेश चंद्र मैठाणी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। समापन समारोह के साथ यह चार दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग उत्साह, ऊर्जा और राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति की सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राष्ट्र सेविका समिति द्वारा रुद्रप्रयाग एवं पौड़ी गढ़वाल जिलों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय प्रारंभिक शिक्षा वर्ग का सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह प्रशिक्षण वर्ग सरस्वती शिशु मंदिर श्रीनगर गढ़वाल के परिसर में शनिवार से प्रारंभ हुआ था जिसमें कुल 45 प्रशिक्षार्थी बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।प्रशिक्षण वर्ग के दौरान बहनों को शारीरिक मानसिक एवं बौद्धिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें यष्टि योग दंड प्रहार खेलकूद सहित अनेक शारीरिक अभ्यास कराए गए। वहीं बौद्धिक सत्रों के माध्यम से राष्ट्र, समाज और संस्कृति से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य शिक्षिका के रूप में आरुषि राणा ने महत्वपूर्ण दायित्व निभाया। वर्ग अधिकारी के रूप में कमला गोसाईं तथा वर्ग कार्यवाहिका के रूप में कृष्णा भट्ट ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। समापन अवसर पर अंतिम सत्र में गढ़वाल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मोहन पवार ने अपना बौद्धिक प्रस्तुत किया। वर्ग कार्यवाहिका कृष्णा भट्ट ने बताया कि प्रारंभिक शिक्षा वर्ग का उद्देश्य सेविकाओं में आत्मविश्वास अनुशासन सेवा भावना और राष्ट्रभक्ति का विकास करना है ताकि वे समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि वर्ग के दौरान योग व्यायाम चिंतन-चर्चा आचार पद्धति और बौद्धिक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया गया। मुख्य शिक्षिका आरुषि राणा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि चार दिनों के इस प्रशिक्षण वर्ग में सभी बहनों में अत्यधिक उत्साह और समर्पण देखने को मिला। उन्होंने यह भी बताया कि कई प्रशिक्षार्थियों ने आगामी 15 दिवसीय उन्नत वर्ग में भाग लेने की इच्छा जताई जो उनके सीखने के प्रति गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस चार दिवसीय वर्ग ने प्रतिभागियों के भीतर अनुशासन संगठनात्मक भावना आत्मबल और राष्ट्रभक्ति को और अधिक सुदृढ़ किया। राष्ट्र सेविका समिति द्वारा इस प्रकार के प्रशिक्षण वर्ग समय-समय पर उत्तराखंड सहित पूरे देश में आयोजित किए जाते हैं जिनका उद्देश्य नारी शक्ति को संस्कारित सशक्त और जागरूक बनाना है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में भोजन व्यवस्था के लिए उपेंद्र राकेश एवं उषा का विशेष सहयोग रहा। सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य गोविंद सिंह एवं विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य मुकेश चंद्र मैठाणी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। समापन समारोह के साथ यह चार दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग उत्साह, ऊर्जा और राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।